ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ़) 13 जुलाई।
आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा की विशेष कृपा से समता भवन मे लगातार नैतिकता पर प्रवचन चल रहा है शासन दीपिका श्री पराग श्री जी म सा ने कहा आज के समय मे लज्जा सुरक्षित है तो जीवन सुरक्षित है।
म सा ने कहा नारी का आभूषण लज्जा है आज के समय नारी लज्जा को खूंटी पर टांग दिया जिससे लज्जा सुरक्षित नही रह पा रही अगर साधु साध्वी का है लज्जा सैफ है तो वह सुरक्षित है,लज्जा ऐसी चीज है जो भटकने वाले को वापस सयंम मे ला सकती है।
म सा ने कहा न्याय हीन राजा को शोभा नही देता राजा न्याय वाला होना चाहिए जिससे उनकी प्रजा सुखी रहे,जिस राजा को प्रजा का ध्यान नही वह राजा न्याय नही कर सकता वह उसके लिए शोभा नही देता।
म सा ने कहा नेता और मनुष्य मे क्या अंतर है? मनुष्य नेता बन सकता पर नेता मनुष्य नही बन पाता, आज के समय नेता बहुत मिल जायेंगे पर मनुष्य कम मिलेंगे। लेवल और लेबल का अंतर बताते हुऐ कहा लेवल स्तर है और लेबल नाम है।
म सा ने कहा जो व्यक्ति साधुत्व को प्राप्त कर लिया उसे किसी की उपाधी देने की जरुरत नही साधु अपने आप मे एक पद है लेकिन आज साधु को लोग उपाधी देने मे लगे है जबकी साधु अपने काम से गोराविंत होते है उनको उपाधी लगाने की जरुरत ही नही पडती।
म सा ने कहा घर वो ही सुखी हे जिस घर पर कामवाला व्यक्ति को कुटुंब का सदस्य समझता हो उस व्यक्ति को नोकर नही समझे परिवार का सदस्य माने तभी वह इमानदारी से काम करेगा उसके सुख दुख मे साथ देना हमारा फर्ज होता हैं।
इससे पहले साध्वी प्रखर श्रीजी म सा ने कहा तीर्थकर की देशना जीवन को बदल देती है जैसे अर्जुन माली को बदला, राजा परदेशी को नास्तिक से आस्तिक बना दिया, अनेक आत्मा जिनवाणी सुनकर श्रमणोपासक बन गयें।
म सा ने कहा पुदगलो की चकाचौंध से हम ठगते जा रहे है, इनकी माया हमारी आत्मा को ठगने का काम कर रही है जो हमे नरक तीरियंच गति मे ले जाने को तत्पर हो रही है,पुदगलो का खेल कोई भी निमित से कई आत्मा को जातिस्मरण ज्ञान प्रकट करा देती है।
संघ प्रवक्ता
नोरतमल बाबेल
साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

