मुंगेली में पट्टा दिलाने के नाम पर आदिवासियों से ठगी : AI से दस्तावेज बनाकर लगाया चूना, पीड़ितों ने कलेक्टर, SP और DFO से की जांच की मांग

मुंगेली में पट्टा दिलाने के नाम पर आदिवासियों से ठगी : AI से दस्तावेज बनाकर लगाया चूना, पीड़ितों ने कलेक्टर, SP और DFO से की जांच की मांग

मुंगेली(अमर छत्तीसगढ़) 16 जुलाई । छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुड़िया और आसपास के वनांचल क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों के साथ धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है।

इस संबंध में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा स्थानीय गरीब आदिवासियों को शासकीय भूमि का पट्टा दिलाने का झांसा दिया जा रहा है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इन भोले-भाले परिवारों से कथित तौर पर 30 हजार से 50 हजार रुपये या उससे अधिक की राशि लेकर फर्जी और अवैध पट्टे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस पूरे मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर पहलू भी सामने आया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार के माध्यम से यह अंदेशा और आरोप जताया गया है कि ग्रामीणों को बांटे गए ये कथित फर्जी पट्टे आधुनिक तकनीक यानी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से जनरेटेड या तैयार किए गए प्रतीत होते हैं।

यदि पुलिस और प्रशासन की जांच में इस बात की पुष्टि होती है, तो यह न केवल एक गंभीर जालसाजी होगी, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दुरुपयोग का एक नया, बेहद खतरनाक और बेहद चिंताजनक उदाहरण भी साबित होगा। यही कारण है कि मामले में दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ-साथ तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक पहलुओं की भी गहनता से जांच की मांग की जा रही है।

इस पूरे संवेदनशील मामले पर मुंगेली के वन मंडलाधिकारी यानी डीएफओ (DFO) अभिनव कुमार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, चाहे उसमें कोई भी संलिप्त क्यों न हो।

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