रायगढ़(अमर छत्तीसगढ़) 21 जुलाई । सहारा इंडिया निवेश घोटाले में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन वर्षों से फरार सहारा इंडिया का पूर्व ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54) आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। पुलिस ने उसे कोतरारोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में दर्ज मामले में आरोप था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और अधिक रिटर्न का भरोसा देकर निवेशकों से लाखों रुपये जमा कराए, लेकिन मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी उनकी रकम वापस नहीं की गई। जांच में सामने आया कि अलग-अलग योजनाओं के जरिए निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए और भुगतान नहीं किया गया।
विस्तृत जांच के दौरान जिला प्रशासन, बैंकों, विभिन्न विभागों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहारा इंडिया समूह के कई अधिकारियों की भूमिका उजागर हुई। अब तक रायगढ़ समेत अन्य जिलों के 3,848 निवेशकों से करीब 40.78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। इस मामले में कई अधिकारी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि विजय कुमार शराफ लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। मुखबिर से सूचना मिली कि वह अपने ससुराल कोतरारोड़ आया हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सहारा इंडिया के फ्रेंचाइजी कार्यालय से जुड़े प्रशासनिक दस्तावेज, एमओयू, नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड, पहचान पत्र, बैंक खातों के दस्तावेज, जमीन के कागजात तथा कथित धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार और मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

