महासमुंद(अमर छत्तीसगढ़) 3 अगस्त । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सोमवार तड़के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी घटना सामने आई है। बरोंड़ा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 8 नाबालिग फरार हो गए। सभी ने देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच खिड़की की ग्रिल तोड़कर परिसर से भागने में सफलता हासिल की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, फरार हुए सभी नाबालिग पिछले चार से पांच महीनों के दौरान विभिन्न आपराधिक मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए थे। इनमें एक नाबालिग दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध था, दो नाबालिग चोरी के मामलों में बंद थे, जबकि अन्य पर एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
बताया जा रहा है कि फरार हुए नाबालिगों का संबंध महासमुंद, सरायपाली, धमतरी तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से है। ऐसे में पुलिस ने इन सभी क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है, ताकि जल्द से जल्द उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिगों ने खिड़की की ग्रिल तोड़कर परिसर से बाहर निकलने का रास्ता बनाया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
फिलहाल पुलिस ने फरार नाबालिगों की तलाश के लिए व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के इलाकों में तलाशी ली जा रही है, वहीं संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही है। साथ ही घटना को लेकर बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

