बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 5 अगस्त । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 10 अगस्त 2026 से नया न्यायिक रोस्टर लागू होगा। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने 4 अगस्त 2026 को नया रोस्टर जारी किया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। नए रोस्टर में डिविजन बेंच और सिंगल बेंच के बीच मामलों का विषयवार और वर्षवार बंटवारा किया गया है, जिससे विभिन्न श्रेणी के मामलों की सुनवाई निर्धारित बेंचों द्वारा की जाएगी।
नए रोस्टर के अनुसार डिविजन बेंच-1, जिसमें चीफ जस्टिस और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल शामिल हैं, जनहित याचिका (PIL), रिट अपील, हेबियस कॉर्पस, आपराधिक अपील सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेगी।
डिविजन बेंच-2 में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल आपराधिक मामलों तथा वर्ष 2022 तक के अल्ट्रा वायर्स मामलों की सुनवाई करेंगे।
वहीं डिविजन बेंच-3 को वर्ष 2016 से आगे की एक्विटल (बरी किए जाने) से संबंधित अपीलों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि डिविजन बेंच-4 सिविल, कंपनी, टैक्स और वैवाहिक मामलों से जुड़ी अपीलों की सुनवाई करेगी।
सिंगल बेंच के लिए भी मामलों का विस्तृत विषयवार और वर्षवार आवंटन किया गया है। चीफ जस्टिस की स्पेशल सिंगल बेंच जमानत आवेदन, आपराधिक पुनरीक्षण, ट्रांसफर याचिकाओं तथा अन्य विशेष मामलों की सुनवाई करेगी। इसके अलावा विभिन्न सिंगल बेंचों को सर्विस रिट, सिविल रिवीजन, मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़े मामले, आपराधिक अपील, दूसरी अपील और अन्य श्रेणी के मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रोस्टर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ सिंगल बेंचों में मामलों की सुनवाई दोपहर 2:15 बजे से या संबंधित डिविजन बेंच की सूची पूरी होने के बाद शुरू होगी।
हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार नया रोस्टर 10 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक इसी व्यवस्था के अनुसार मामलों की सुनवाई की जाएगी।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 10 अगस्त 2026 से नया रोस्टर लागू होगा। चीफ जस्टिस ने डिविजन और सिंगल बेंच के लिए मामलों का नया विषयवार व वर्षवार बंटवारा किया।

