बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 10 अगस्त 2026: भारतीय जैन संघठना बिलासपुर, श्री गुजराती समाज एवं होम्योपैथिक संघ बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में “सक्षम कैंप – Ability in Every Disability” रविवार, 9 अगस्त को श्री गुजराती समाज, टिकरापारा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

शिविर का शुभारंभ नवकार महामंत्र के मंगल पाठ से किया गया, जिसके पश्चात सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस निःशुल्क शिविर में 32 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उन्हें परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराईं गईं।

सेवा देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक:
शिविर में मुंबई-नागपुर से प्रशिक्षित डॉ. अजीत मिश्रा, डॉ. सतीश कौशिक, डॉ. कृपा यादव, डॉ. वीरेंद्र पुरी, शेखर खन्ना, डॉ. अंशुमान जैन, डॉ. स्वाति, डॉ. अनीता, डॉ. झरना, डॉ. आबिद, डॉ. अमृता, डॉ. अमर दीप, डॉ. संजय, डॉ. दीक्षित एवं डॉ. वैभव ने अपनी निःशुल्क सेवाएं दीं।

विशेष बच्चों को परामर्श एवं होम्योपैथिक दवाई दी गई:
शिविर में मंदबुद्धि और गतिमंद बच्चे, शारीरिक रूप से अविकसित बच्चे, मूक-बधिर, दृष्टिहीन बच्चे, जन्मजात दोष वाले बच्चे, मानसिक विकास में पीछे रह गए बच्चे, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिस्टिक बच्चे एवं ADHD वाले बच्चों को परामर्श कर तीन माह की होम्योपैथिक दवाई दी गई।

उपस्थित गणमान्यजन:
शिविर में गुजराती समाज के अध्यक्ष केतन सुतारिया, भारतीय जैन संघठना के प्रदेश सचिव अमरेश जैन, जितेन्द्र शाह, वीरेन्द्र पाठक, बिलासपुर महिला अध्यक्ष सुनीता जैन, सचिव पूनम तेजाणी, हीना पारेख, हरीश जेठवा, संजय पटेल, गोपाल वेलाणी, रितु जैन, संजय जैन, राजू भाई, भारती तेजाणी, राजू पोपट, संजय मेहता, विनोद राठौर, अनिल पटेल सहित गुजराती समाज एवं भारतीय जैन संघठना के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

शिविर की मुख्य विशेषताएं:
शिविर में पधारे डॉ. अंशुमान जैन ने बताया कि दिव्यांग बच्चों एवं वयस्कों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण, पुरानी रिपोर्टों के आधार पर व्यक्तिगत परामर्श, मौके पर ही होम्योपैथिक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया। अभिभावकों को घर पर देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

आयोजकों ने बताया कि 3 मई को अकलतरा में पहला शिविर लगाया गया था जिसमें कईयों को लाभ मिला। यह शिविर हर तीन महीने में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। अगला शिविर नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। मरीजों के परिजनों ने इस मानवीय पहल की भूरी-भूरी सराहना की।

“Ability in Every Disability” के संदेश के साथ संपन्न यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद लेकर आया।

