राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 12 अक्टूबर । जिले से लगभग 20 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच स्थित ग्राम जोरातराई, मनगटा जंगल (स्टेशन मुढ़ीपार) का प्रसिद्ध पहाड़ी पाठ बाबा मंदिर इन दिनों शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक वातावरण से घिरे इस देवस्थल में हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है।
11 अक्टूबर को ज्योति कलश स्थापना के साथ हुई। आगामी धार्मिक अनुष्ठानों के तहत 15 अक्टूबर को पंचमी माता सिंगार, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी हवन एवं दोपहर 4 बजे पूर्णाहुति तथा 19 अक्टूबर को ज्योति जवारा विसर्जन किया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माता की आराधना में लीन रहेंगे।

पहाड़ी पाठ बाबा धाम में स्थापित बाबा महाकाल की भव्य प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिमा के शीश से बहती जलधारा की मधुर ध्वनि और आसपास का शांत, प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। मान्यता है कि इस स्थल पर घने जंगल में मुंडी पेड़ के नीचे भगवान भोलेनाथ स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे, जिसके कारण यहां भक्तों की आस्था निरंतर बढ़ती जा रही है।

इस वर्ष मंदिर समिति द्वारा पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर प्रांगण में माता मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं, जहां भक्तजन दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मनोकामना दीप प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना की है।
पहाड़ी पाठ देव स्थल उत्थान समिति के अध्यक्ष व जोरातराई पूर्व सरपंच संतोष कुमार साहू ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी घी और तेल से 300 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं।

दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में पुजारी संतोष शर्मा,समिति अध्यक्ष संतोष कुमार साहू, उपाध्यक्ष नरसिंह साहू, सचिव सुदामा लाल साहू, कोषाध्यक्ष रामलाल साहू, सहसचिव पुरुषोत्तम कुमार साहू, संरक्षक सुरेंद्र शर्मा, संरक्षक शिवलाल चक्रधारी, संरक्षक डॉ. जी. एस. राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

