रायपुर (अमर छत्तीसगढ),26 जून। नशामुक्त भारत अभियान के तहत गृह मंत्रालय भारत शासन के निर्देशानुसार पिछले कुछ वर्षो से 12 जून से 26 जून तक नशामुक्त भारत पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों मुख्यतः युवाओं में नशे के विरूद्ध जागरूकता पैदा करना है।
इसी अनुक्रम में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर एवं छतीसगढ़ पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में नारकोटिक्स विंग के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव के मुख्य आतिथ्य, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, यातायात संजय शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक रविशंकर जोशी की उपस्थिति में स्थानीय मैरीन ड्राइव तेलीबांधा तालाब परिसर में नशे को जड़ से उखाड़ने जन-जागरूकता साइक्लोथान एवं बेहतर स्वास्थ्य के लिए टीम स्टे फिट विथ मी एवं मोक्सीहेल्थ, लीड एजेंसी रोड सेफ्टी छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया।
प्रारंभ में छत्तीसगढ़ राइडर्स क्लब, साई रायपुर सहित सैकड़ो साइकिल चालकों तथा अन्य नागरिकों को फिटनेस के लिए एरोबिक्स/जुम्बा आयोजित हुआ तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों ने साइक्लोथान को हरी झड़ी दिखाई। शहर के मुख्य मार्गो में भ्रमण उपरांत वापसी पर समस्त साइकिल चालकों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह तथा स्वल्पाहार का वितरण किया गया।
उद्घाटन अवसर पर अजय यादव ने उपस्थित प्रतिभागी एवं आम लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि प्रति वर्ष 26 जून को ”नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस“ पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस का आयोजन एक नशा मुक्त विश्व के प्राप्ति हेतु कार्यवाही और सहयोग को मजबूत करने हेतु किया जाता है।
विश्व में ड्रग्स की समस्या एक बहुआयामी चुनौती पेश करती है और लाखों लोगों का जीवन प्रभावित करती है। हमारे राज्य और देश में नशे का दुष्प्रभाव बढ़ रहा है, उसे रोकने के लिए कानूनी कार्यवाही तो किए ही जा रहे हैं, किन्तु लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।

इस दिशा में हमारी सोच स्पष्ट है कि जब डिमांड कम होगी, तो ड्रग्स की सप्लाई भी प्रभावित होगी। केन्द्र और राज्य सरकार दोनों इस दिशा में पूरी शिद्दत से कार्य कर रही हैं और लगभग प्रति दिन नशे के अवैध व्यापार में शामिल लोगों की धरपकड़ की जा रही है।
राज्य में प्रति वर्ष बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की जप्ती और इसमें संलिप्त अंतर्राष्टीय/अंतर्राज्यीय स्तर के अनेक तस्करों की गिरफ्तारी की गई है। राज्य और केन्द्र सरकार की एजेंसियों द्वारा लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
नशा के विरूद्ध विधिसम्मत कार्यवाही तो की ही जा रही है, किन्तु इस पर पूर्ण रोक लगाने में जनमानस का सहयोग अपेक्षित है। जब आमजन, कानून प्रवर्तन एजेंसियां सब साथ चलेंगे तब ”नशा मुक्त भारत“ को साकार करने में वक्त नहीं लगेगा। अन्त में उन्होंने उपस्थित जन समुदाय को नशा के खिलाफ शपथ दिलाई।

