चातुर्मास का पावन अवसर चूक मत जाना, जिनवाणी श्रवण करने अवश्य जाना-कुमुदलताजी मसा…. कांचीपुरम के आदिनाथ स्थानक में महासाध्वी मण्डल ने दिया धर्मसंदेश

चातुर्मास का पावन अवसर चूक मत जाना, जिनवाणी श्रवण करने अवश्य जाना-कुमुदलताजी मसा…. कांचीपुरम के आदिनाथ स्थानक में महासाध्वी मण्डल ने दिया धर्मसंदेश

भीलवाड़ा(अमर छत्तीसगढ), 1 जुलाई। चातुर्मास की पावन वेला फिर आ रही है। हम चातुर्मास के लिए 1400 किलोमीटर चलकर मुंबई से भीलवाड़ा आए है। हम आपसे ओर कुछ नहीं मांगते 120 दिन के चातुर्मास में मात्र 120 घंटे का समय मांग रहे है। प्रतिदिन एक घंटे का समय जिनवाणी श्रवण व प्रभु भक्ति के लिए अवश्य निकाले।

ये विचार श्रमण संघीय जैन दिवाकरीय मालव सिंहनी पूज्या श्री कमलावतीजी म.सा. की सुशिष्या अनुष्ठान आराधिका पूज्य महासाध्वी डॉ. श्री कुमुदलताजी म.सा. ने सोमवार को कांचीपुरम आदिनाथ जैन स्थानक में प्रवचन में व्यक्त किए।

उन्होंने चातुर्मास में अधिकाधिक तप त्याग व धर्म आराधना करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि चातुर्मास हमारे लिए तभी सार्थक होगा जब हम घर में बैठने की बजाय प्रतिदिन जिनवाणी श्रवण करने के लिए अवश्य जाएंगे। चातुर्मास जीवन में कर्म कमाने का नहीं बल्कि कर्म क्षय करने का अवसर देता है। चातुर्मास में केवल प्रवचन ही नहीं बल्कि अनुष्ठान आराधना के माध्यम से भी हम जिनशासन की भक्ति कर सकेंगे।

डॉ.कुमुदलताजी म.सा. ने अधिकाधिक तपस्या की प्रेरणा देते हुए कहा कि चातुर्मास में एकासन, आयम्बिल, उपवास, तेला, अठाई की लड़ी कभी नहीं टूटनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 8 जुलाई को चातुर्मासिक मंगलप्रवेश के अगले दिन 9 जुलाई से तेला तप की आराधना होगी। गुरू पूर्णिमा पर 10 जुलाई गुरूवार को चातुर्मास में पहला मंगलकारी अनुष्ठान होगा।

प्रत्येक गुरूवार को होने वाले इन अनुष्ठान से एक दिन पूर्व प्रवचन में उसके महत्व के बारे में बताया जाएगा। चातुर्मास में हर शुक्रवार को पद्मावती एकासन आराधना होगी। इसके लिए अब तक सैकड़ो श्राविकाएं अपने नाम महिला मण्डल के पास लिखा चुकी है।

उन्होंने बताया कि हर रविवार दोपहर बच्चों के लिए धार्मिक संस्कार शिविर का आयोजन होगा एवं सप्ताह में एक बार महिला मण्डल एवं युवाओं के साथ भी चर्चा होगी। धर्मसभा में स्वर साम्राज्ञी महासाध्वी महाप्रज्ञाजी म.सा. ने कहा कि सपने कभी हमारे नहीं होते ओर जो सपनों को हकीकत में बदल देता है उसको दुनिया याद रखती है।

चातुर्मास का अवसर हमे आत्मकल्याण के अपने सपने को धर्म ध्यान, तप त्याग व स्वाध्याय के माध्यम से हकीकत में बदलने का सुअवसर प्रदान कर रहा है। धर्मसभा में वास्तुशिल्पी साध्वी पद्मकीर्तिजी म.सा.,विद्याभिलाषी साध्वी राजकीर्तिजी म.सा. का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। धर्मसभा के अंत में आभार कांचीपुरम श्रीसंघ के मंत्री राजेन्द्र बिराणी ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर आध्यात्मिक चातुर्मास आयोजन समिति सुभाषनगर के सचिव राजेन्द्र सुराना ने बताया कि बुधवार को भी साध्वी मण्डल का प्रवास कांचीपुरम स्थानक में ही रहेगा लेकिन प्रवचन नहीं होंगे।

पूज्य कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा 3 जुलाई गुरूवार को कांचीपुरम से विहार करके सुबह 9 से 10 बजे तक गोकुलधाम सोसायटी के पास स्थित कोठारी हॉल में प्रवचन देंगे। इसके बाद अनुकंपा रिट्रीट में उनका प्रवास रहेगा।

धर्मसभा में चातुर्मास समिति के अध्यक्ष दौलतमल भड़कत्या, सुभाषनगर श्रीसंघ के अध्यक्ष हेमन्त कोठारी सहित भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे।

निलेश कांठेड़
मीडिया प्रभारी

Chhattisgarh