तप त्याग व धर्म आराधना ही जीवन में सफलता का आधार-दर्शनप्रभाजी म.सा…. पूना के कात्रज दत्तनगर आनंद दरबार में होंगा मंगल प्रवेश 4 जुलाई को

तप त्याग व धर्म आराधना ही जीवन में सफलता का आधार-दर्शनप्रभाजी म.सा…. पूना के कात्रज दत्तनगर आनंद दरबार में होंगा मंगल प्रवेश 4 जुलाई को

पूना(अमर छत्तीसगढ) ,1 जुलाई। मरूधरा मणि महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा.,रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ. दर्शनप्रभाजी म.सा., तत्वचिन्तिका आगम रसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा.,सेवाभावी दीप्तिप्रभाजी म.सा. विद्याभिलाषी हिरलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा का आगामी वर्षावास कात्रज दत्त नगर आनंद दरबार श्रीसंघ के तत्वावधान में होने वाला है। आगम पर्व 2025 के लिए साध्वीवृन्द 4 जुलाई को सुबह 8.15 बजे मंगलप्रवेश करेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक हॉल का उद्घाटन समारोह भी होगा।

संयम साधना जीवन के करीब 44 वर्ष पूर्ण कर चुके महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. का ये महाराष्ट्र क्षेत्र में पहला चातुर्मास होगा। आगम पर्व 2025 को धर्म ध्यान ओर त्याग तप साधना की दृष्टि से सफल बनाने के लिए श्रीसंघ के अध्यक्ष बालासाहेब धोका के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां की गई है।

महासाध्वी मण्डल धर्मनगरी पूना महानगर पहुंचने के बाद इन दिनों वहां के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच धर्म संदेश प्रदान कर रहे है ओर श्रावक-श्राविकाओं को अधिकाधिक तप त्याग एवं धर्म साधना करने के लिए प्रेरित कर रहे है। पूना महानगर में विहार यात्रा के तहत महासाध्वी मण्डल ने मंगलवार को वडगांव घायारी स्थानक में धर्मसंदेश प्रदान किया।

महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. के सानिध्य में धर्मसभा में रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ. दर्शनप्रभाजी म.सा. ने कहा कि चातुर्मास की सफलता तभी होगी जब हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने ओर हमे धर्म के पथ से जोड़े। तप त्याग व धर्म आराधना ही जीवन में सफलता का आधार है।

धर्म की साधना के बिना जीवन का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता। जीवन का लक्ष्य हासिल करने में चातुर्मासिक साधना की भूमिका अहम है। तत्वचिन्तिका आगम रसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. ने कहा कि हमे मनुष्य भव मिलने से धर्म ध्यान करने का सुअवसर मिला है।

जिस तरह संसार में भौतिक सफलताएं पाने के लिए हमारे लक्ष्य निर्धारित होते है उसी तरह आत्मा का कल्याण कैसे हो सकता यह तय करके उसी अनुरूप आध्यात्मिक लक्ष्य भी निर्धारित करने होंगे। आत्मा कहां से आई ओर कहां जाएगी यह समझ लिया तो आत्मकल्याण की राह आसान हो जाएगी।

चातुर्मास हमारे आत्मकल्याण के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक है। धर्मसभा में कात्रज दत्त नगर आनंद दरबार श्रीसंघ के महिला मण्डल की सदस्य भी मंजू धोका के नेतृत्व में दर्शन लाभ के लिए मौजूद रही। जिनवाणी श्रवण करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से श्रावक-श्राविकाएं पहुंचे थे।

चातुर्मासिक मंगलप्रवेश के बाद प्रतिदिन (रविवार को छोड़) सूर्योदय के समय प्रार्थना के बाद सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक प्रवचन होंगे। रविवार दोपहर 3 से 5 बजे तक प्रवचन का आयोजन होगा। हर मंगलवार को श्री घंटाकर्ण महावीर सौत्र का जाप होगा। प्रतिदिन दोपहर 3 से 4 बजे तक महिलाओं के लिए साध्वीवृन्द से धर्मचर्चा का समय रहेगा।

प्रस्तुतिः अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन

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