रायपुर (अमर छत्तीसगढ) 7 जुलाई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर के साइंस कॉलेज में आयोजित किसान-जवान-संविधान सभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि, रायपुर में मेरी अध्यक्षता में महाधिवेशन हुआ था, जब भूपेश बघेल सीएम थे।
रायपुर से सामाजिक न्याय का जो नारा बुलंद हुआ उसने 2024 में मोदी सरकार के अहंकार को तोड़ दिया। बीजेपी ऐसे हालात में है कि खुद की सरकार भी नहीं बना सकी। मोदीजी सिर्फ दो टांग लेकर चल रहे हैं, एक टांग नीतीश बाबू और एक टांग TDP है। एक ने भी लात मार दी तो मोदीजी हार जाएंगे।
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री खड़गे ने सभा में पहुंचे लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इतनी बारिश में आपका यहां आना यह बताता है कि आप हमारे साथ हैं। आप सभी साथ हैं तो हमें कोई नहीं हरा सकता। श्री खड़गे ने कहा कि, मोदी ने छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन को तबाह करने का काम किया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर उन्होंने कहा कि, अमित शाह काे यहां बार-बार क्यों आना, क्या उनका घर है या ससुराल है ? यहां के मुख्यमंत्री को तो बैठो कहने पर बैठ जाते हैं, उठो बोलो तो उठ जाते हैं। इतना अपमान सह रहे हैं, लेकिन पद नहीं छोड़ रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री खड़गे ने कहा कि, भाजपा सरकार ने हमारे छत्तीसगढ़ के जवानों और किसानों को धोखा दिया, क्योंकि ये झूठ बोलते हैं। ये लोग कैसे जीत जाते हैं समझ नहीं आता।
ये इतना झूठ बोलते हैं इसीलिए मैं कहता हूं कि ये झूठों के सरदार हैं। ये लोग डबल इंजन की बात करते हैं, ये कैसा डबल इंजन हैं। एक छोटा और एक बड़ा है तो गाड़ी कैसे चलेगी। जो गुलामगिरी करते हैं वही लोग ये सब करते हैं।
श्री खड़गे ने आगे कहा कि, भाजपा के लोग ऐसा क्या कर रहे हैं कि 2025-26 में इन्होंने 47 हजार करोड़ कर्ज लिया। हमारे जमाने में एक रुपए भी कर्ज बढ़ता था तो लोग रास्ते पर आते थे। कहां है वो लोग, अब क्यों नहीं आते। 11 सालों में जो काम इन्हें ठीक से करना था वो नहीं किया। अब फिर प्रदेश का कर्ज बढ़ा रहे।
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति काे लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने आक्रोश भरी आवाज में कहा कि, दो बार मीटिंग हुई, दूसरी बार भी प्रधानमंत्री मोदी मीटिंग में नहीं आए, ये शर्मनाक है।
देश के लोगों की बेइज्जती है। बार-बार बुलाने के बाद भी पीएम नहीं आते। ये शर्म की बात है। अंत में खड़गे ने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया के नारों के साथ अपना भाषण खत्म किया। इस दौरान सभा स्थल नारों से गूंज उठी।

