ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 13 जुलाई ।
गणाघिपति युग प्रधान जैनाचार्य श्री तुलसी गुरुदेव एवम पूज्य गुरु भगवन महाश्रमण श्री जी संघ की अन्नय भक्त सुश्राविका संथारा साधिका श्री मति संतोष देवी मरलेचा धर्म सहायिका स्व.श्री किसनलाल सा मरलेचा के सलखेना संथारा ग्रहण करने के बाद रविवार सवेरे लगभग 11 बजे महाप्रयाण हो गया।
तेरापंथ संघ की वरिष्ठ साध्वी श्री कीर्तिलता जी से लिया संथारा..
सुश्राविका संतोष बाई ने रविवार लगभग सवेरे 7.45 बजे नगर में वर्षावास हेतु विराजित तेरापंथ संघ की प्रमुख साध्वी रत्ना महासती श्री कीर्तिलता जी से पूरी जागृत अवस्था में चौवीहार संथारा के प्रत्याख्यान लिए थे।
अलभोर को दिलाया तिविहार संथारा
संथारा साधिका को रविवार अलभोर
नगर के सेवा समर्पित सुश्रावक श्री अशोक कोठारी ने तिविहार संथारा के प्रत्याख्यान करवा दिए जब से संथारा साधिका नवकार महामंत्र का पावन स्मरण कर रही थी।
भगवान महावीर एवम गुरु भगवंतों की जयकारों से गूंजा समूचा महावीर बाजार
ज्यों ही संथारा साधिका के संथारा की खबर नगर के जैन जैनेतर समाज से जुड़े श्रद्धालुओं को लगी उनके निवास पर दर्शन करने की होड़ मच गई। संथारा साधिका के निवास पर लगातार महामंत्र नवकार का सामूहिक जप जाप,चार शरण के जयकारों से समूचा महावीर बाजार गूंज उठा।

डोल महाप्रयाण यात्रा दोपहर 02 बजे..
संथारा साधिका परिवार से जुड़े समाज सेवी दिलीप श्री श्री माल ने एक जानकारी में बताया कि दिवंगत संथारा साधिका की डोल महाप्रयाण यात्रा उनके निवास स्थान महावीर बाजार श्री टावर के सामने से दोपहर 02 बजे आरंभ होकर हिंदू सेवा मंडल जायेगी।
अंतिम दर्शनों हेतु लगा तांता
संथारा साधिका के महा प्रयाण की ख़बर लगने के बाद उनके निवास पर उनके दर्शन करने वालों का तांता का लगा हुआ है।
( प्रकाश जैन, वरिष्ठ पत्रकार)

