रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष ने शून्य काल में रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, लगातार प्रदेश में अवैध रेत खनन पुलिस ओर माइनिंग वालों की देखरेख में चल रहा है। खदानों में गोली चल रही है।
जिंदा आदमियों पर ट्रक चढ़ा दिए जा रहे हैं, इसे स्वीकृत कर चर्चा कराई जाए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की ग्राह्यता को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर गया।
इससे पहले उमेश पटेल ने कहा कि, माइनिंग के अधिकारियों को जब पूछा जाता है तो वो कहते हैं कि हमें ऊपर से आदेश है कि इन्हें नहीं पकड़ना है। पत्रचार के बाद भी कार्यवाही नहीं की जा रही है।
रेत माफियों ने रायगढ़ जिले के मांड नदी का कोई किनारा नहीं छोड़ा है। यहां धड़ल्ले से अवैध उत्खनन चल रहा है इसलिए इस पर चर्चा करना बहुत जरूरी है।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि, आज के समय में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। पूरी मिलीभगत के साथ अवैध रेत खनन का काम किया जा रहा है। इस पर चर्चा कराना बेहद जरूरी है। दिलीप लहरिया ने कहा महानदी में कई जगहों पर रेत की सप्लाई बारिश में भी नहीं हो पा रही है।
रेत माफिया चाकूबाजी करते हैं, समस्या गंभीर है, इसलिए हम चाहते हैं कि इस पर चर्चा हो। रामकुमार ने कहा कि, ऐसे विषय में चर्चा कराना बेहद आवश्यक है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, यह निर्माण से संबंधित है। रेत खनन में माफिया सरकार को अपने जेब में रखकर दादागिरी के साथ नदियों को खाली कर रहे हैं। आपके जिले में गोलियां चला रही है, यह विषय बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है इसलिए इसमें चर्चा कराना जरूरी है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, स्थगन की सूचना आज प्राप्त हुई। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की ग्राह्यता को अस्वीकार किया। इसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।

