आनंद दरबार में कल होगी युगपुरूष पूज्य आचार्य सम्राट आनंदऋषिजी के उर्जा चरण की विधिपूर्वक स्थापना…

आनंद दरबार में कल होगी युगपुरूष पूज्य आचार्य सम्राट आनंदऋषिजी के उर्जा चरण की विधिपूर्वक स्थापना…

पूना महाराष्ट्र (अमर छत्तीसगढ़) ,17 जुलाई। धर्मनगरी पूना में शुक्रवार को जिनशासन का नया इतिहास रचा जाएगा जब भारत में पहली बार कात्रज दत्तनगर स्थित आनंद दरबार में युगपुरूष पूज्य आचार्य आनंदऋषिजी म.सा. के 14 शुभ चिन्ह धारी उर्जा चरण (पगलिया) की स्थापना पूर्ण आस्था ओर विधि विधान के साथ की जाएगी।

इस आयोजन को लेकर देशभर में फैले आनंद बाबा के लाखों भक्तों मंें उत्साह का माहौल है। इन उर्जा चरण की स्थापना से पूर्व 10 जुलाई से 17 जुलाई तक पूना के विभिन्न क्षेत्रों में पालकी निकाली गई।

इस आयोजन की पूर्व संध्या पर गुरूवार को वात्सल्यमूर्ति महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में आनंद दरबार में दोपहर 3 से 5 बजे तक महामंगलकारी भक्तामर हिलिंग एवं लोगस्स जाप का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से तीर्थंकरों की आराधना की गई ओर जाप के माध्यम से पूरा वातावरण पवित्र एवं आनंदमय हो गया।

आनंद दरबार दत्तनगर एवं भक्तामर हिलिंग ग्रुप पूना की ओर से हुए इस आयोजन के पवित्र अवसर पर युगपुरूष पूज्य आचार्य आनंदऋषिजी म.सा. के उर्जा चरण स्थापना पूर्व की दिव्य विधि परिवारजनों के शुभहस्ते सम्पन्न हुई।

सुबह आनंद दरबार में वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कात्रज दत्त नगर आनंद दरबार श्रीसंघ के तत्वावधान में आगम पर्व-2025 के तहत प्रवचन में मरूधरा मणि महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. ने अधिकाधिक श्रावक-श्राविकाओं से इस महोत्सव में शामिल होकर परम पूज्य आनंद बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा ओर भक्ति भावना समर्पित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अष्टमी होने से अधिकाधिक अधिकाधिक धर्म ध्यान कर सामायिक का धर्म चक्र करे।

धर्मसभा में रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ. दर्शनप्रभाजी म.सा. ने कहा कि आनंद बाबा के उर्जा चरण की स्थापना के अवसर सभी को उनके प्रति अपनी श्रद्धा ओर भक्ति का परिचय देना है। गुरू के प्रति समपर्ण होने पर वरदान भी मिलेगा। आनंद बाबा के चरणों में सभी को तीन-तीन सामायिक का तेला समर्पित करना है।

उन्होंने कहा कि आज अच्छा दिखने की होड लगी हुई है जबकि हमे अच्छा बनने की जरूरत है। परमार्थ ओर सेवा की भावना रखकर ही हम अच्छे बन सकते है। हमे स्थूलिभ्रद की तरह वासना से उपासना की ओर बढ़ना है।

धर्म का उपासक बनने पर ही मुक्ति की राह खुलेगी। धर्मसभा में तत्वचिन्तिका आगम रसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. ने कहा कि चार गतियों में से मनुष्य गति के जीव ही स्वप्न देखते है। कुल स्वप्न 72 होते है जिनमें अच्छे 30 होते है।

इनमें भी सबसे अच्छे 14 होते है। तीर्थंकर ओर चक्रवती की माता 14-14 स्वप्न देखती है। देवताओं की पहचान उनके मुकुट में जड़े चिन्ह से होती है। धर्मसभा में सेवाभावी दीप्तिप्रभाजी म.सा.,विद्याभिलाषी हिरलप्रभाजी म.सा. का भी सानिध्य रहा।

आनंद दरबार के संघपति बाळासाहब धोके एवं पदाधिकारियों ने अधिकाधिक श्रावक-श्राविकाओं से उर्जा चरण स्थापना महोत्सव में शामिल होकर आनंद बाबा के प्रति अपनी श्रद्धाभावना समर्पित करने का आग्रह किया है। चातुर्मास में तप त्याग की भावना निरन्तर बनी हुई है।

सुश्रावक पवन चौरड़िया के सात उपवास की तपस्या रही। धर्मसभा में कई श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास,आयम्बिल,एकासन आदि तप के प्रत्याख्यान लिए। साध्वी मण्डल ने तपस्वियों के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त की।

धर्मसभा का संचालन श्रीसंघ के सौरभ धोका ने किया। महासाध्वी मण्डल के मुखारबिंद से जिनवाणी श्रवण करने के लिए पूना महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रावक-श्राविका आनंद दरबार पहुंच रहे है।

महामंगलकारी लोगस्स का जाप कर आनंद बाबा का आशीर्वाद पाने की अभिलाषा में रविवार से शुरू 12 दिवसीय आराधना पांचवे दिन गुरूवार को भी जारी रही। इसके तहत श्रावक-श्राविकाओं को 24 जुलाई तक 777 बार महामंगलकारी लोगस्स का जाप आनंद दरबार में करना है।

चातुर्मास सम्पर्क सूत्रः
श्री उम्मेद धोका
मो.9850726611
श्री सौरभ धोका
मो.9881118855

प्रस्तुतिः निलेश कांठेड़, अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन

Chhattisgarh