राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 24 जुलाई। भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुये छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेशदत्त मिश्रा ने कहा कि भामसं के विचार और सिद्धांत ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
संगठन ने अपने सैद्धांतिक आधार के दम पर ही श्रमिक क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई, अपने कालजयी विचारों के बदौलत प्रतिस्पर्धी ट्रेड यूनियनों को पछाड़ते हुये सबसे आगे हो गया। हमें अपने विचारों और सिद्धांतो की पूंजी के बल पर संगठन कार्य का विस्तार करते रहना चाहिये।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री नरेश कुमार साहू ने एक प्रेस बयान में उक्ताशय की जानकारी देते हुये बताया कि समारोह में श्री मिश्रा ने आगे कहा कि संसार के सारे सिद्धांत व विचार चाहे वह पूंजीवाद हो, चाहे साम्यवाद हो सारे समय के साथ दम तोड़ते नजर आ रहे है, इन सबका आधार समाप्त प्रायः है।
इनके पीछे चलने वाले गिनती के लोग बचे है, लेकिन जिन विचारो और सिद्धांतो को लेकर भारतीय मजदूर संघ चल रहा वह सर्वकालिक है।
यह चराचर रहने वाला है, अतएव हम सब मिलकर संगठन कार्य का विस्तार करें। श्री मिश्रा ने 1962 के चीन युद्ध का जिक्र करते हुये कहा कि उस समय जब देश संकट में था, तत्कालिन वामपंथियों ने प्रतिरक्षा के कारखानों में हड़ताल की घोषणा करके देश को संकट में डाल दिया था।
जबकि भामसं के कार्यकर्ताओं ने बिना पैसे लिये ओवरटाईम प्रतिरक्षा कारखानों में काम करके देश को संकट से निकाला था। राष्ट्र के प्रति हमारी यही निष्ठा हमें अन्य संगठनों से अलग रखती हैै। समारोह को सुदर्शन दास मानिकपुरी ने भी संबोधित किया, संचालन गोपाल साहू ने किया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष गजानंद मिश्रा ने किया। मंच पर अल्का बारसागढ़े व केशव राम सिन्हा उपस्थित थे। इस दौरान प्रमुख रूप से जिला मंत्री नरेश कुमार साहू, निर्माण मजदूर संघ की राष्ट्रीय मंत्री श्रीमती भारती शर्मा, जयप्रकाश साहू, हेमंत साहू, ठाकुर राम यादव, पुहूप दास साहू, फागूराम यादव, बहल राम, कुशल यादव, गौतम भगेला, राजेन्द्र, श्रीमती सुरेखा कोमरे, धनेश्वरी साहू, दीपाली कंवर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता साथी उपस्थित थे।

