आबकारी निरीक्षक परीक्षा : परीक्षा में एंट्री नहीं मिलने भड़के, कलेक्टर निवास का घेराव करते हुए हुई पुलिस से तीखी नोकझोंक

आबकारी निरीक्षक परीक्षा : परीक्षा में एंट्री नहीं मिलने भड़के, कलेक्टर निवास का घेराव करते हुए हुई पुलिस से तीखी नोकझोंक

खैरागढ़(अमर छत्तीसगढ) 27 जुलाई। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित आबकारी निरीक्षक परीक्षा में शामिल होने से वंचित हुए अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर फूटा। खैरागढ़ में परीक्षा से बाहर किए गए दर्जनों अभ्यर्थी सीधे कलेक्टर निवास पहुंच गए और वहां जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो गई।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि हमने नियमों का पालन किया। जब हमें कपड़ों को लेकर रोका गया, तो तत्काल बदलकर लौटे। लेकिन उसके बाद भी हमें बाहर ही रोक दिया गया। क्या यह हमारी गलती है या परीक्षा प्रबंधन की? परीक्षा से बाहर किए गए अभ्यर्थी जब प्रशासन से जवाब नहीं पा सके तो वे सीधे कलेक्टर निवास पहुंच गए।

वहां उन्होंने न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, पुलिस का तर्क था कि कलेक्टर निवास ‘शांति क्षेत्र’ है, यहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

वहीं अभ्यर्थियों का कहना था कि जब उनकी मेहनत और भविष्य दांव पर हो, तो शांत रहना अन्याय के साथ समझौता होगा। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

इस पूरे घटनाक्रम पर नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर रेणुका रात्रे ने बताया कि व्यापम द्वारा परीक्षा निर्देश में कुछ परिवर्तन किए गए हैं, जिसका व्यापक प्रचार प्रसार किया गया है। विभाग द्वारा सभी प्रवेश पत्र में भी स्पष्ट रूप से हल्के रंग के कपड़े पहनने के निर्देश छापे गए हैं। अगर उसके बाद भी अभ्यर्थी निर्देश पालन नहीं करते हैं तो इसके जिम्मेदार हम नहीं हैं।

हमने दो घंटे पूर्व सभी को आने कहा था। इधर प्रदर्शनकारी अब भी अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, चाहे दोबारा परीक्षा करानी पड़े या दोषियों पर कार्रवाई, वे शांत नहीं बैठेंगे।

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