चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी भैरव सोसायटी में अजमेर प्रथम शिला समर्पण महोत्सव में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया

चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी भैरव सोसायटी में अजमेर प्रथम शिला समर्पण महोत्सव में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया

रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 31 जुलाई। अजमेर समर्पण कलश में श्रद्धालुओं ने मुक्तहस्त से सोना चांदी मोती माणक समर्पित किया

बच्चों ने कहा कि अजमेर दादाबाड़ी की नींव में हमारी राशि भी लग रही है

खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री मणिप्रभ सूरीश्वर जी द्वारा प्रतिष्ठित श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी भैरव सोसायटी में अजमेर स्वर्ण रजत समर्पण महोत्सव में श्रद्धालुओं विशेषकर बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया । बच्चों ने बताया कि हमने अपने गुल्लक से रुपये निकाल कर चांदी के दो व पांच ग्राम के सिक्के लाए हैं ।

दादागुरुदेव हमारे आराध्या हैं हम प्रतिदिन इक्तिसा जाप करते हैं और यह अजमेर की दादाबाड़ी हमारे भविष्य की आस्थास्थली के रूप में बन रही है । हम बच्चे गौरान्वित हैं कि इसकी नींव में हमारे बचत की राशि भी लग रही है ।

प्रथम दादागुरुदेव 1 लाख 30 हजार नूतन जैन निर्माता श्री जिनदत्त सूरीश्वर जी की आस्थास्थली अजमेर के जीर्णोद्धार नूतन श्री वासुपूज्य स्वामी जिनालय व श्री जिनदत्त सूरीश्वर भव्य जैन दादाबाड़ी का निर्माण होने जा रहा है । जिसके प्रथम शिला स्थापन महोत्सव में वाशक्षेप व धन अर्पित करने का सुअवसर आया है ।

चमत्कारी श्री जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी भैरव सोसायटी , रायपुर में रात्रि इक्तिसा जाप के समय अनेक भाई बहनों ने सोने चांदी के सिक्के , मोती माणक इत्यादि बहुमूल्य वस्तुएँ समर्पित की ।

श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने कहा कि अजमेर दादाबाड़ी के प्रथम शिला रोपण में यह कलश व सोना चांदी बहुमूल्य रत्न इत्यादि नींव में रोपित किये जाएंगे । श्रद्धालुओं ने धन अर्पण कर इस सुअवसर में ज्यादा से ज्यादा धन का सुकृत्य में उपयोग कर पुण्यार्जन किया ।

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