2 अगस्त को भव्य भक्ति संध्या “एक शाम नेम पार्श्व के नाम ” आयोजित

2 अगस्त को भव्य भक्ति संध्या “एक शाम नेम पार्श्व के नाम ” आयोजित

नगपुरा दुर्ग (अमर छत्तीसगढ) 31 जुलाई।
श्री पार्श्वनाथ निर्वाण कल्याणक दिवस श्रावण सुदी अष्टमी को

उवसग्गहरं महापूजन सह विशिष्ट भक्ति

श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में चातुर्मासिक आराधना अंतर्गत शनिवार दि. 2 अगस्त को शाम 6 से 8 बजे तक भव्य भक्ति संध्या “एक शाम नेम पार्श्व के नाम ” आयोजित है।

तीर्थ में देशभर के सैकड़ो श्रद्धालुजन जप-तप आराधना से जुड़े हुए है। चातुर्मास निश्रादात्री प० पू० साध्वी श्री लक्ष्ययशा श्री जी म० सा०, साध्वी श्री लब्धियशा श्री जी म०सा०, साध्वी श्री आज्ञायशा श्री जी म० सा० के मार्गदर्शन में प्रतिदिन आगम वांचना / हितोपदेश प्रवचन के साथ साथ अलग- अलग पूजा अनुष्ठान का मांगलिक आयोजन सम्पन्न हो रहा है।

इस क्रम में श्रावण सुदी अष्टमी को श्री पार्श्वनाथ प्रभु के निर्वाण कल्याणक दिवस सांचोर निवासी जांवतराज छोगाजी परिवार के इंदूबेन, संगीतावेन, कविताबेन दोशी बदलापुर मुम्बई की ओर से विशिष्ट मंत्र साधना सह श्री उवसग्गहरं महापूजन की संरचना होगी।

इस दिन विशिष्ट रूप से भक्ति का आयोजन होगा जिसमें प्रभुभक्ति के लिए धर्मेश भाई जैन परभणी, कुशलभाई ओस्तवाल सोलापूर, आयुष ठाकुर एवं मोहित सोनी रतलाम संगीत संरचना करेंगे ।

चातुर्मास के सहसंयोजक मयूरभाई सेठ भरूच ने बतलाया कि देशभर से पधारे आराधकों के अनुसार उवसग्गहरं पार्श्व प्रभु की छत्रछाया में साधना आराधना आनंदमय सम्पन्न हो रहा है।

यहाँ का वातावरण, यहाँ की ऊर्जा, यहां की परमाणु में अलौकिक शक्ति का संचार है, यहां आकर हमें लगता है कि आत्मा के कल्याण हेतु इस तीर्थ में बार बार साधना आराधना करने का सौभाग्य मिलें।

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