रायपुर(अमर छत्तीसगढ़) 1 अगस्त। श्री जिनकुशल सूरी दादाबाड़ी में आत्मोत्थान चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित प्रवचनमाला में शुक्रवार को परम पूज्य हंसकीर्ति श्रीजी म.सा. ने धर्मरत्न प्रकरण ग्रंथ का वाचन करते हुए कहा- सदगुणों से भरा हुआ व्यवहार न केवल जीवन को सुखद बनाता है, बल्कि जीवन में व्याप्त दुर्गुणों को भी धीरे-धीरे समाप्त कर देता है।
उन्होंने विशेष रूप से क्रोध को जीवन का सबसे बड़ा अवरोध बताया और कहा कि इसका त्याग आत्मिक उन्नति के लिए आवश्यक है।

प्रवचन के दौरान साध्वी जी ने एक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया। एक सेठजी, जो अत्यधिक क्रोधी स्वभाव के थे, भगवंत के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई। भगवंत ने सेठजी को समझाया कि क्रोध तभी नियंत्रण में आ सकता है जब व्यक्ति पुण्य और संयम का अभ्यास करे। भगवंत ने उन्हें नियम दिया कि क्रोध आने पर उपवास करना होगा।
सेठजी ने एक माह का नियम लिया और अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना प्रारंभ किया। धीरे-धीरे उनके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव आने लगे। परिवार के सदस्यों को भी उनके प्रेमपूर्ण और संयमित स्वभाव से सुखद आश्चर्य हुआ।
एक घटना के दौरान जब बहू से घी गिर गया, तब सेठजी ने बिना नाराज़ हुए बहू से प्रेमपूर्वक कहा कि सफाई कर लो, कोई फिसल न जाए। इस व्यवहार से बहू अत्यंत प्रसन्न हुई और उनके प्रति स्नेह व्यक्त किया।

सेठजी ने यह भी अनुभव किया कि क्रोध पर नियंत्रण रखने से घर का माहौल शांत और सुखद बनता है। हालांकि, बेटे के द्वारा बताये गए एक व्यापारिक घाटे की खबर से उन्हें फिर क्रोध आया और उन्हें नियम के अनुसार उपवास करना पड़ा। उन्होंने स्वयं को अलग कमरे में बंद कर लिया, ताकि दोबारा क्रोध न आए और उन्हें फिर उपवास न करना पड़े।
साध्वी हंसकीर्ति जी ने कहा, “दूसरों को सुधारने से पहले स्वयं को सुधारना आवश्यक है। सदगुणी व्यवहार ही जीवन का वास्तविक श्रृंगार है। संसार का नियम है — गलती हो तो माफ कर देना। इसी से संबंध मजबूत बनते हैं और आत्मा शुद्ध होती है।”

प्रवचन के अंत में साध्वी जी ने सभी को संदेश दिया कि यदि व्यक्ति संयम, क्षमा और प्रेम को अपनाए, तो जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की ओर अग्रसर होना सरल हो जाता है।
27 दिवसीय दादागुरुदेव इकतीसा 9 अगस्त तक
धर्म की नगरी रायपुर के श्री जिनकुशल सूरी जैन दादाबाड़ी तीर्थ में आत्मोत्थान वर्षावास 2025 के अंतर्गत 27 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा जाप का आयोजन 14 जुलाई से 9 अगस्त तक किया जा रहा है। प्रतिदिन रात्रि 8.30 बजे से 10.30 बजे तक श्री जिनकुशल सूरी जैन दादा बाड़ी, एम जी रोड, रायपुर में जाप होगा। प्रतिदिन चांदी के चरण कमल ड्रा के साथ सोमवार, अमावस्या व पूनम को बंफर ड्रा भी रखा गया है।
यह आयोजन ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट एवं आत्मोत्थान चातुर्मास समिति रायपुर के सान्निध्य में तथा अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद रायपुर के संयोजन में सम्पन्न हो रहा है।
श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, आत्मोत्थान चातुर्मास समिति 2025 के अध्यक्ष अमित मुणोत ने बताया कि दादाबाड़ी में सुबह 8.45 से 9.45 बजे साध्वीजी का प्रवचन होगा। आप सभी से निवेदन है कि जिनवाणी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

