रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 3 जुलाई। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप जैसे मामलों में नाम सामने आने के बाद पूर्व सीएम बघेल ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। CBI और ED की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी गई है।
याचिका में पूर्व सीएम बघेल ने मांग की है कि उन्हें इन मामलों में गिरफ्तार ना किया जाए और जांच में सहयोग करने का अवसर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होनी है।
भूपेश बघेल ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि जिस तरह उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीतिक द्वेष के तहत की गई, उसी तरह उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। आशंका जताई है कि केंद्रीय एजेंसियां राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई कर सकती है।
बेटे ने भी खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
पूर्व सीएम बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की दाखिल जमानत याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई होनी है। चैतन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि ना तो उनका नाम ED की एफआईआर में है और न ही किसी के बयान में।
इसके बावजूद राजनीतिक द्वेष के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनका नाम ईडी की एफआईआर में नहीं है।

