पूना महाराष्ट्र (अमर छत्तीसगढ) 3 अगस्त। द्वय गुरूदेव श्रमण सूर्य मरूधर केसरी प्रवर्तक पूज्य श्री मिश्रीमलजी म.सा. की 135वीं जन्मजयंति एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक श्री रूपचंदजी म.सा. ‘रजत’ की 98वीं जन्म जयंति के उपलक्ष्य में युवा तपस्वी पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,बिबवेवाड़ी पूना के तत्वावधान में रसिकलाल एम.धारीवाल स्थानक भवन में आठ दिवसीय आयोजन के तीसरे दिन रविवार को मुख्य कार्यक्रम गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया।
गुरूओं के प्रति श्रद्धा व भक्ति भाव से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में पूना में चातुर्मास कर रहे पूज्य संतों व साध्वी मण्डल का भी सानिध्य मिलने से चतुर्विद संघ का समागम हुआ।
समारोह में सानिध्य प्रदान करते हुए अर्हम विज्जा प्रणेता उपाध्याय प्रवीणऋषिजी म.सा. ने कहा कि पूज्य मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. एवं शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. ऐसे महान संत थे जिनकी प्रेरणा से लाखों लोगों का जीवन सुधर गया ओर वह भक्तों के भगवान बन गए। भक्त गुरू उसे ही मानता है जो उसे ईश्वर प्राप्ति का सन्मार्ग बताते है।
श्रमण संघीय सलाहकार उप प्रवर्तक तारकऋषिजी म.सा. ने द्वय गुरूदेव के प्रति श्रद्धा भाव व्यक्त करते हुए कहा कि गुरू ही होते है जो शिष्य को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देकर उसे धर्म व साधना के मार्ग से जोड़ते है। गुरू का सम्मान करने वाला शिष्य जीवन में हर संकट का सफलतापूर्वक सामना कर लेता है।
कार्यक्रम में पूज्य सुयोगऋषिजी म.सा. ने कहा कि पूज्य मिश्रीमलजी म.सा. व रूपचंदजी म.सा. ने पूरा संयम जीवन संघ-समाज की मजबूती के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों से ही समाजहित में कई प्रेरणादायी कार्य हो पाए। उनके गुणों को हम अपने जीवन में आत्मसात कर सके इसका प्रयास सदा करना चाहिए।
समारोह में पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. ने कहा कि मरूधर केसरी पूज्य मिश्रीमलजी म.सा. एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. ऐसे महान संत थे जिनकी सेवा व भक्ति भावना की मिसाल सदा दी जाती रहेगी।
गरीबों के मसीहा ओर मानवता को समर्पित ऐसे महापुरूषों का जितना गुणगान करें कम होगा। उन्होंने पीड़ित मानवता की ही सेवा नहीं की बल्कि मूक प्राणियों की रक्षा के लिए भी बेमिसाल कार्य किया। उनकी जीव दया के लिए अनूठे जज्बे के कारण लाखों पशुओं को अभयदान मिला।
सेवारत्न हरीशमुनिजी म.सा. ने कहा कि मरूधर केसरी पूज्य मिश्रीमलजी म.सा. एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी व अनुकरणीय है।उन्होंने परोपकार की भावना से जीवन मानस सेवा व जीवदया के लिए समर्पित कर दिया। उनके जैसे महान संतों का आशीर्वाद जिनको मिला वह भी सौभाग्यशाली है।
धर्मसभा में युवा रत्न श्री नानेश मुनिजी म.सा. ने कहा कि द्धय गुरूदेवों कार्यो से जिनशासन की महिमा बढ़ाई ओर वह ऐसे संत थे जिनका सम्मान जैन ही नहीं 36 ही कौम के लोग करते थे।
़धर्मसभा में मधुर व्याख्यानी श्री हितेश मुनिजी म.सा. ने कहा कि मरूधर केसरी व रूपमुनिजी म.सा. की जोड़ी ने मानव सेवा के लिए प्रेरणादायी मिसाल कायम की।

मरूधर केसरी की प्रेरणा व प्रयासों से ही श्रमण संघ की नींव रखी गई थी। प्रार्थनार्थी सचिन मुनिजी म.सा. ने कहा कि गुरू शिष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते है। वह मोक्ष का पवित्र मार्ग दिखाते है।
गुरू ही होता है जो मोक्ष मार्ग को दिव्य नेत्रों से देखने की शक्ति प्रदान करता है। समारोह में महासाध्वी श्री आदर्शज्योतिजी म.सा., महासाध्वी श्री इन्दुप्रभाजी म.सा.,महासाध्वी श्री सुनंदजी म.सा., महासाध्वी श्री चैतन्यश्रीजी म.सा. आदि ठाणा ने भी सानिध्य प्रदान करते हुए द्धय गुरूदेव के प्रति मंगल भावनाएं व्यक्त करते हुए भावाजंलि अर्पित की।
समारोह में आरडी जैन चेरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली द्वारा पूज्य गुरुदेव की स्मृति में 51 लाख रुपए जीवदया के लिए गोशालाओं में देने की घोषणा की गई।

तपस्या का लगा ठाठ,जयकारों के साथ अनुमोदना
गुणानुवाद कार्यक्रम में तपस्या का भी ठाठ रहा। समारोह में मुनिवृन्द से तपस्वी सुश्राविका भावना हितेशजी पुनिया ने 26 उपवास, सुश्राविका भावना योगेशजी काग, हर्षा जितेशजी सोलंकी, मनीषा संजयजी कटारिया ने 25-25 उपवास, फैंसीबाई मदनराजजी कावेड़िया ने 22 उपवास, कल्पना संतोष दुग्गड़ ने 17 उपवास, सुश्रावक अनिलकुमार धारीवाल ने 15 उपवास के प्रत्याख्यान लिए तो पूरा पांडाल अनुमोदना में हर्ष-हर्ष, जय-जय के जयकारों से गूंजायमान हो उठा। बिबवेवाड़ी श्रीसंघ की ओर से सभी तपस्वियों की अभिनंदन व बहुमान किया गया। कई श्रावक-श्राविकाओं ने आयम्बिल, एकासन, उपवास तप के प्रत्याख्यान भी लिए।

बिबवेवाड़ी श्रीसंघ ने किया अतिथियों का स्वागत
समारोह की अध्यक्षता महाराष्ट्र सरकार में मंत्री माधुरीताई मिसाळ ने की एवं विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र सरकार में आमदार सुनीलजी कांबले थे।
समारोह में अतिथि के सी बोकड़िया अध्यक्ष मरूधर केसरी पावन धाम, जैतारण, नेमीचन्द चौपड़ा पुर्व अध्यक्ष, जैन कान्फ्रेंस, नरेशकुमार बोहरा
कार्याध्यक्ष श्री मरुधर केसरी पावनधाम जैतारण, योगेश कुमार जैन दिल्ली, गौतमचन्द काँकरिया चैन्नई
उत्तमचंद गोठी चैन्नई, कोठारी परिवार,खवासपुरा – चैन्नई, दिनेशकुमार भलगट चैन्नई, प्रसन्नचंद दुग्गड़ चैन्नई, तख्तराज बाफना बैंगलोर, भंवरलाल पगारिया बैंगलोर, अशोक कुमार धोका बैंगलोर, उत्तमचंद रातड़िया, बैंगलोर सोहनलाल लोढ़ा, अम्बाजी, अनिलकुमार मादरेचा अम्बा, महावीरचंद लुकड़ , बैंगलोर, महावीरचंद धोका बैंगलोर, रतनलाल सिंघवी बैंगलोर, सुरेशचन्द छलाणी बैंगलोर, सुरेशचन्द कोठारी चैन्नई, ललित कुमार मकाणा चैन्नई, जीवनराज पुनमिया, इचलकर, महावीरचंद बोरून्दीया इचलकरण, पारसमल लोढ़ा, बैंगलोर आदि मौजूद थे।

समारोह में अतिथियों का स्वागत बिबवेवाड़ी श्रीसंघ की चेयरमेन शोभाताई धारीवाल, अध्यक्ष पोपटलाल ओस्तवाल, मंत्री गणेश ओसवाल, उपाध्यक्ष माणिकचंद दुग्गड, रोशनलाल गुगले,पन्नालाल पितलिया, सह मंत्री अविनाश कोठारी,कोषाध्यक्ष लालचंद कर्णावट, चंद्रकांत लुकड़, सुनील बलाई आदि पदाधिकारियों ने किया।
मंच संचालन हितेशमुनिजी म.सा. के साथ उपाध्यक्ष माणिकचंद दुग्गड़ ने किया। समारोह के बाद गौतमप्रसादी का आयोजन किया गया।

गौतमप्रसादी के लाभार्थी पूना का सुभाषचन्द्रजी, राजेन्द्रकुमारजी, मेघराजजी बेदमुथा परिवार रहा। चातुर्मास में चार माह के गौतम प्रसादी लाभार्थी शोभाताई रसिकलाल धारीवाल, जान्हवी धारीवाल बालन, पुनीत बालन परिवार पूना है।
इस समारोह में चैन्नई, बेंगलौर,मुंबई, अहमदाबाद, इचलकरंजी, बोईसर, सूरत, अंबाजी, पाली, सोजत सिटी, ब्यावर,अजमेर, किशनगढ़, खवासपुरा सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से गुरू भक्त श्रद्धाभाव के साथ शामिल हुए। महाराष्ट के घोरनंदी, अहमदनगर, बंबोरी सहित पूना व आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविका गुरू गुणानुवाद समारोह में शामिल हुए।
महामंगलकारी लोगस्स का जाप कल
द्वय गुरूदेव जयंति महोत्सव के तहत 4 अगस्त को सुबह 8.30 बजे से महामंगलकारी लोगस्स का जाप होगा। पांच अगस्त को सुबह 8.30 बजे से वज्रपंजर स्रोत का जाप होगा। इसी तरह 6 अगस्त को भक्तामर साधना, 7 अगस्त को उव्वसग्गहरं स्रोत एवं 8 अगस्त को गुरू मिश्री जाप सुबह 8.30 बजे से होगा। आयोजन के तहत 4 से 6 अगस्त तक साधना विधि के साथ सामूहिक तेला तप आराधना की जाएगी।
श्रीसंघ सम्पर्क सूत्र-
श्री पोपटलालजी ओस्तवाल, अध्यक्ष
मो. 9823081825
श्री माणिकचंदजी दुग्गड़, उपाध्यक्ष
मो. 9890940941
श्री गणेशलाल ओसवाल,महामंत्री
मो. 9921879613
श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,बिबवेवाड़ी पूना
प्रस्तुतिः निलेश कांठेड़,अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन, भीलवाड़ा,

