तिरंगा भारतीय सनातन मूल्यों की प्रादर्श पहचान – द्विवेदी

तिरंगा भारतीय सनातन मूल्यों की प्रादर्श पहचान – द्विवेदी


राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 13 अगस्त । अखिल विश्व में महत्तम भारतीय सनातन मूल्यों की (त्याग-बलिदान, सत्य-शांति, शस्य-श्यामलाम्) की प्रादर्श पहचान हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अपने विशिष्ट आकार, आकर्षक रंग-विन्यास एवं विशेष स्वरूप से समग्र देश-धरती में अनुपम आन-बान-शान का गौरव प्रतीक माना जाता है।

उक्त विचार व्यक्त करते हुए नगर के वरिष्ठ चिंतक डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने वर्तमान में निकाली जा रही तिरंगा यात्रा, हर हाथ तिरंगा, घर-घर तिरंगा अभियान को युवा-किशोर-बाल पीढ़ी के लिए सहज-सरल रूप में देश-भक्ति, राष्ट्र प्रेम का अद्भुत जज्बा पैदा करने के साथ-साथ देश की आजादी के संघर्ष गाथा से प्रत्यक्षत: हृदय से जोडऩे और स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना सर्व-सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों का भी परमपुण्य स्मरण कराता है।

आगे डॉ. द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि हमारे तिरंगे का कर्मठ-युवा हाथों में धारण कर लहराना और घर-आंगन छत में फहराने से जो राष्ट्र भक्ति, सेवा-भाव का जोश से भर तन-मन को मंत्रमुग्ध और प्रफुल्लित कर देता है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए अत्यंत गौरव पल होता है।

वैसे भी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का प्रत्येक भारतीय की परम राष्ट्र सेवा एवं राष्ट्र हित सर्वोपरि की अनमोल भावना के कर्तव्य मंत्र से आल्हादित करने का अवसर होता है। आइये हम सभी मन प्राण से संकल्पित होकर हर हाथ में और हर घर में तिरंगा लहराये – फहराये, यही उपक्रम राष्ट्रीय तिरंगा अभियान को श्रेष्ठ सार्थक अर्थो में सप्लीफूत करना होगा।

जय तिरंगा – अमर तिरंगा-जय माँ भारती।

Chhattisgarh