तपस्या, स्वाध्याय व साधना से जुड़ने का सुनहरा अवसर पर्युषण महापर्व- मुकेशमुनिजी…. पर्युषण पर्व में जिनवाणी श्रवण के साथ करें धर्म आराधना- सचिनमुनिजी

तपस्या, स्वाध्याय व साधना से जुड़ने का सुनहरा अवसर पर्युषण महापर्व- मुकेशमुनिजी…. पर्युषण पर्व में जिनवाणी श्रवण के साथ करें धर्म आराधना- सचिनमुनिजी

पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. के सानिध्य में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व की आराधना कल से

पर्युषण में होंगे जप, तप व भक्ति की भावना के साथ से ओतप्रोत आठ दिवसीय विभिन्न कार्यक्रम

पूना महाराष्ट्र (अमर छत्तीसगढ) ,19 अगस्त। पूज्य दादा गुरूदेव मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा., लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्रीरूपचंदजी म.सा. के शिष्य, मरूधरा भूषण, शासन गौरव, प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्री सुकन मुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती युवा तपस्वी श्री मुकेश मुनिजी म.सा, सेवारत्न श्री हरीशमुनिजी म.सा., युवारत्न श्री नानेशमुनिजी म.सा., प्रज्ञारत्न श्री हितेशमुनिजी म.सा., प्रार्थनार्थी श्री सचिनमुनिजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,बिबवेवाड़ी पूना के तत्वावधान में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की आठ दिवसीय आराधना 20 अगस्त बुधवार से शुरू होगी।

जप, तप व भक्ति की भावना के साथ मनाए जाने वाले पर्युषण पर्व में प्रतिदिन अलग-अलग दिवस मनाने के साथ धार्मिक भावना से ओतप्रोत प्रतियोगिताएं होगी।

पर्युषण में प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे से अंतगड़ सूत्र का वांचन एवं दोपहर 2 से 3 बजे तक कल्पसूत्र का वांचन होंगा एवं पूज्य मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. द्वारा प्रदत दिवस मनाए जाएंगे। प्रतिदिन दोपहर 3 से 4 बजे तक धार्मिक प्रतियोगिता होगी।

पर्युषण पर्व के तहत पहले दिन 20 अगस्त को अहिंसा दिवसः प्रेम ओर शांति का प्रतीक (जय आनंद प्रतियोगिता) मनाया जाएगा। इसी तरह 21 अगस्त को सच्चाई की राह पर चलने का संकल्प लेते हुए सत्य दिवस (संसद प्रतियोगिता), 22 अगस्त को दोस्ती का उत्सव मैत्री दिवस (ज्ञान के रसगुल्ले प्रतियोगिता) मनाया जाएगा। इसी तरह 23 अगस्त को खुशियों का साझा करने का दिन प्रमोद भाव दिवस (अंतराक्षरी प्रतियोगिता), 24 अगस्त को निस्वार्थ सेवा का अवसर सेवाव्रत दिवस (जैन हाउजी प्रतियोगिता), 25 अगस्त को आत्मनियंत्रण का पर्व ब्रह्चर्य दिवस (सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता), 26 अगस्त को सबको एक समान देखने का भाव लिए समभाव दिवस (जय महावीर प्रतियोगिता) का आयोजन होगा। पर्युषण के अंतिम दिवस 27 अगस्त को माफ करने ओर माफ होने का दिन क्षमापना दिवस मनाते हुए संवत्सरी महापर्व की आराधना की जाएगी।

पर्युषण पर्व से पहले मंगलवार को प्रवचन में पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. ने कहा कि पर्वाधिराज पर्युषण 90 महान आत्माओं के सिद्ध होने का उत्सव है। यह अपने लिए सिद्ध भगवंतों का उत्सव है।

पर्युषण के ये आठ दिन सिर्फ धर्म ओर परमात्मा की आराधना के लिए होने चाहिए। हमारा अधिकाधिक समय तप,त्याग व साधना में व्यतीत होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्युषण की आराधना में हमे स्वयं भी जुड़ना है ओर स्वधर्मी बंधुओं को जुड़ने की प्रेरणा भी देना है।

धर्म आराधना कर जीवन के प्रति हमे अपना दृष्टिकोण बदलना होगा। हमे आत्मासाधना करने का अवसर पर्युषण पर्व देता है। पर्युषण हमे इस सांसारिक भोगवाद से बाहर निकल तपस्या, स्वाध्याय व साधना से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते है।

प्रार्थनार्थी सचिनमुनिजी म.सा. ने कहा कि पर्युषण पर्व में जिनवाणी श्रवण के साथ धर्म आराधना कर हम अपनी आत्मा को पावन व निर्मल बना सकते है। पर्युषण में तपस्या व साधना जीवन में सुख-शांति पाने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है।

पर्युषण में हम अपने धर्म व गुरू भगवन्तों के प्रति अहोभाव रखे, अपने कषाययुक्त स्वभाव को बदले ओर दूसरों के प्रति मन से वैर-द्धेष समाप्त करे। वैर मिटने पर जीवन में मैत्री भाव प्रकट होने लगेगा ओर हम आत्मकल्याण के पथ पर आगे बढ़ सकेंगे।

धर्मसभा में सेवारत्न श्री हरीशमुनिजी म.सा.,युवारत्न श्री नानेशमुनिजी म.सा., प्रज्ञारत्न श्री हितेशमुनिजी म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।

साध्वी दर्शनप्रभाजी म.सा. को अर्पित किए श्रद्धासुमन

श्रमण संघ की उप प्रवर्तिनी दक्षिण सिंहनी महासाध्वी डॉ. दर्शनप्रभाजी म.सा. का बेंगलौर में देवलोकगमन होने पर धर्मसभा में बिबवेवाड़ी श्रीसंघ द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. एवं सेवारत्न श्री हरीशमुनिजी म.सा. ने पूज्य दर्शनप्रभाजी म.सा. के देवलोकगमन को जिनशासन के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि वह महान विदूषी साध्वी रत्ना होने के साथ उनके जीवन की पावनता व निर्मलता इतनी उंचाई को प्राप्त कर गई थी कि वह एक सिद्धात्मा बन जन-जन की आस्था का केन्द्र बन गए थे। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों का विचरण करते हुए जिनशासन की अपूर्व सेवा एवं प्रभावना की।

श्रीसंघ सम्पर्क सूत्र-
श्री पोपटलालजी ओस्तवाल, अध्यक्ष
मो. 9823081825
श्री माणिकचंदजी दुग्गड़, उपाध्यक्ष
मो. 9890940941
श्री गणेशलाल ओसवाल,महामंत्री
मो. 9921879613

श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,बिबवेवाड़ी पूना

प्रस्तुतिः अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन, भीलवाड़ा,

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