हममें एक भी कषाय रहा तो फिर आत्म कल्याण नहीं कर पाएंगे- मुनि वीरभद्र

हममें एक भी कषाय रहा तो फिर आत्म कल्याण नहीं कर पाएंगे- मुनि वीरभद्र

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 26अगस्त। श्री विनय कुशल मुनि के सुशिष्य एवं 171 दिन तक उपवास का रिकॉर्ड बनाने वाले जैन मुनि वीरभद्र (विराग) जी ने आज यहां कहा कि हमारे शरीर में एक भी कषाय रह गया तो फिर हम अपना आत्म कल्याण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि भीतर के कषायों को दूर करो और आत्म कल्याण के मार्ग में आगे बढ़ो।


पर्यूषण पर्व के दौरान जैन बगीचे के नए हाल में श्रावकों के भीड़ को संबोधित करते हुए मुनि वीरभद्र (विराग) जी ने कहा कि हम आराधना करने वाले हैं तो दूसरे आराधना करने वालों का सम्मान करें। सज्जन व्यक्ति कभी अनुचित डिमांड नहीं करता और सज्जन व्यक्ति का डिमांड ठुकराया भी नहीं जाता।

उन्होंने कहा कि हम खाना खाते हैं तो सब्जी दाल आदि में कोई ना कोई कमी निकालते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा की सहनशक्ति को देखकर आप भी सहनशील बनने का प्रयास करें और अंतरॉय से दूर रहें।
मुनि श्री वीरभद्र (विराग) जी ने कहा कि हमारी सारी संपत्ति एवं बुद्धि का उपयोग हम परमात्मा के चरणों में करें, वहां से हम आगे ही बढ़ेंगे नीचे नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि कोई चीज पसंद आ जाए तो हम उसे पाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा का अनुसरण करें और उनके चारित्रदर्शन को पाने का प्रबल प्रयास करें।

हमें भी अपने जीवन में ऐसे ही त्याग और पुरुषार्थ करना होगा कि लोगों की नजर हमारी चारित्रता पर जाए। समझदार व्यक्ति वही है जो कुछ लेने से पहले उसे पर विचार करें और अपने गुरु से आज्ञा ले लें। अपने जीवन की हर जानकारी अपने गुरु को अवश्य दें।
मुनि श्री वीरभद्र (विराग) जी ने आगे कहा कि हमें लड़ाई कर्मों के साथ करनी है, व्यक्ति से नहीं। अपने शरीर में एक भी कषाय रूपी दाग पड़ा रहा तो हम आत्म कल्याण के मार्ग में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। हम भगवान के छोटे-छोटे चरित्र को देखते हुए उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें, निश्चय ही हमें सफलता मिलेगी। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में विमल हाजरा ने दी।

तीन दिवसीय सिद्धि तप पारणोंत्सव एक से

चातुर्मास के अवसर पर 1 सितंबर से 3 सितंबर तक जैन बगीचे में तीन दिवसीय सिद्धि तप पारणोंत्सव का आयोजन किया गया है।
सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष मनोज बैद, चातुर्मास समिति के संयोजक प्रदीप गोलछा, सहसंयोजक पीयूष बैद, कोषाध्यक्ष सुरेश गांधी, सचिव प्रभात पारख में बताया कि महोत्सव के पहले दिन 1 सितंबर सोमवार को तप का महत्व पर प्रवचन एवं संगीत मय प्रस्तुती प्रातः 8:45 बजे से,मेंहदी एवं सांझी :- नीपा शाह व जिया शाह, सूरत द्वारा दोपहर 2:30 बजे से एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय संस्थाओं / मंडलियों द्वारा शाम 7:30 बजे से जैन बगीचा प्रांगण में प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव के दूसरे दिन 2 सितंबर मंगलवार को प्रवचन सुबह 8:45 बजे से होगा। तपस्या गीत :- दोपहर 1:30 बजे से,सिद्धि तप वधामना, संवेदना शासन भाई, मुंबई द्वारा साथी संगीतकार गौतम भाई वारिया, मुंबई के साथ शाम 7:30 बजे से प्रस्तुत किया जाएगा।

तीसरे दिन 3 सितंबर बुधवार को परमात्मा संग तपस्वियों का भव्य बरगोडा प्रातः 7:30 बजे जैन बगीचे से निकलेगा और नगर भ्रमण करता हुआ वापस जैन बगीचे पहुंचेगा।

इसके बाद सिद्धि तप के तपस्वियों का प्रातः 9:30 बजे से अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया है। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित का निवेदन किया है।

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