बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ़) 27 अगस्त। सुकमा जिले के पोटाकेबिन छात्रावास में बच्चों को फिनायल मिला खाना परोसे जाने के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के डिवीजन बेंच ने मसले को स्वतः संज्ञान में लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की। इस दौरान सीजे ने मामले को को बड़ी लापरवाही बताते हुए कड़ी फटकार लगाई है।
दरअसल, सीजे ने महाधिवक्ता से सख्ती से पूछा कि, ये क्या हो रहा है,यह लापरवाही से बढ़कर घोर लापरवाही है। अगर कोई कैजुअल्टी हो जाती तो सम्हालना मुश्किल हो जाता। सीजे ने कहा कि, आखिर कौन है इस घटना का जिम्मेदार। वहीं चीफ जस्टिस ने चीफ सेक्रेटरी को शपथपत्र में जवाब देने कहा है। साथ ही कहा कि, इसकी लगातार और समय- समय में मॉनिटरिंग करें।
सुकमा जिले के पाकेला के पोटाकेबिन छात्रावास में 426 बच्चों को फिनायल मिला खाना परोस दिया गया था। तेज दुर्गंध आने पर बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया था। गनीमत रही कि, बच्चों को फिनायल की तेज दुर्गंध आ गई नहीं तो बहुत बड़ी घटना घट सकती थी।
फिनायल मिला खाने के खबर को INH NEWS और अखबारों ने प्रमुखता से उठाया था। इस मामले को हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने स्वतः संज्ञान में लिया और जमकर नाराजगी जाहिर कर चीफ सेकेट्री से शपथपत्र में जवाब तलब कर तीखी टिप्पणी की।

