रायपुर (अमर छत्तीसगढ़) 28 अगस्त। दशलक्षण पर्यूषण महापर्व पर दिगंबर जैन जिनालयों में आरंभ हुई अपूर्व प्रभावना उत्तम क्षमा धर्म के दिन श्रावक-श्राविकाओं ने किया अभिषेक,शांतिधारा, सामूहिक पूजन।…
जैन धर्मावलम्बियों के महापर्व दशलक्षण पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ रायपुर दिगंबर जैन जिनालयों में आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी,गुरुवार से शुरू हो गया है। यह महापर्व गुरुवार को ऋषि पंचमी से शुरू हो रहा है, जो अनंत चर्तुदर्शी तक चलेगा।
पर्व उत्तम क्षमा धर्म से शुरु होगा। उत्तम क्षमा धर्म से शुरु पर्व मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ संपन्न होगा। आज पर्यूषण महापर्व का प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म का है।

आज से प्रातः कालीन राजधानी रायपुर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में श्री जी को पाण्डुक शीला में विराजमान का शुद्ध प्रासुक जल से अभिषेक, शान्तिधारा एवं दशलक्षण पूजन का आयोजन धार्मिक वातावरण में किया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्म लाभ लिया। आज की शांति धारा करने का सौभाग्य श्रेयश जैन बालू को प्राप्त हुआ।
राजधानी रायपुर के श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर ( लघु तीर्थ ), श्री दिगंबर जैन मंदिर फांफाड़ीह, श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन मंदिर लाभांडी, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर,टैगोर नगर,श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर शंकर नगर, श्री वासु पूज्य दिगंबर जैन मंदिर डी.डी. नगर आदि अनेक जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व की आराधना प्रारम्भ हुई है । दिगम्बर जैन पंचायत ट्रस्ट एवं समिति द्वारा व्यवस्थाओं की देखरेख की जा रही है। श्रद्धालु त्याग, संयम और आत्मशुद्धि की साधना में लीन होकर प्रभु आराधना कर रहे हैं।
प्रातःकालीन श्री पार्श्वनाथ जिनालय के समक्ष प्रतिदिन अभिषेक पूजन कर रहे विद्वान पूर्व उपाध्यक्ष श्री श्रेयश जैन बालू ने क्षमा और संयम के महत्व को बताते हुए कहा कि क्रोध को जीतकर ही क्षमा को समझा जा सकता है। क्षमा का अभ्यास आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन को धर्ममार्ग पर ले जाता है।

