रायपुर (अमर छत्तीसगढ) 28 अगस्त। विश्वकर्मा समाज ने धूमधाम से मना हरितालिका तीज, सुहागिन महिलाओं ने की पति के दीर्घायु की कामना।…
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दिन मंगलवार को हरितालिका तीज का त्योहार श्रद्धा और आस्था के साथ विश्वकर्मा समाज द्वारा श्री दुलार धर्मशाला बढ़ई पारा रायपुर में भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा भी उपस्थित थी ।
उन्होंने बताया कि आज विश्वकर्मा समाज की सुहागिन महिलाएं शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा कर अपने सुहाग की रक्षा व पति के दीर्घायु की कामना की।
सभी महिलाएं सोलह शृंगार सजधज कर पूरा अर्चना की। उक्त अवसर पर श्रृंगार सामग्री चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, काजल सहित अन्य सामग्री माता पार्वती को अर्पित की गई। इस अवसर पर पारंपरिक गीत संगीत का आयोजन भी किया गया।
हरतालिका तीज के अवसर पर पंडित श्रीराम बाबा त्रिपाठी के द्वारा समस्त पूजन,कथा का श्रवण किया गया। उपस्थित सभी सुहागिनों ने निर्जला उपवास रखकर पति की दीर्घायु सुख समृद्धि, उन्नति, प्रगति, और यश की कामना भगवान शिव से की।
मान्यता के अनुसार मां पार्वती ने इस व्रत को शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए किया था। सुहागिनों ने अपने-अपने घरों और मंदिरों में विधि विधान के साथ हरितालिका तीज व्रत की पूजा अर्चना कर पति के लिए लंबी उम्र की कामना की।
सोलह श्रृंगार के साथ तीज व्रत धर्म का पालन करते हुए सुहागिनो पूरे भक्ति भाव के साथ हरितालिका तीज व्रत किया। पुरोहित द्वारा बताए शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा अर्चना की साथ ही हरितालिका तीज की कथा सुनकर पति के लंबी आयु की कामना की।
सुहागिन महिलाओं ने नया वस्त्र व सोलह श्रृंगार से सज कर समूह सुहाग की कामना के लिए तीज व्रत का अनुष्ठान विधि पूर्वक कर भगवान शिव एवं माता पार्वती से आशीर्वाद मांगा।
महिलाएं पूजन अनुष्ठान के दौरान भगवान शिव व माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित कर प्रसाद के रूप में ऋतु फल सहित पारंपरिक पकवान के रूप शुद्ध घी से बना गुजिया, पुआ, ठेकुआ का भोग लगाया।
इस अवसर पर विशेष रूप से पंडित राम बाबा त्रिपाठी पार्षद जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,श्रीमती पूनम विश्वकर्मा,श्रीमती नंदा विश्वकर्मा,श्रीमती नीलू विश्वकर्मा,श्रीमती शकुंतला विश्वकमा,श्रीमती पूजा विश्वकर्मा,श्रीमती नीतू विश्वकर्मा,श्रीमती पिंकी विश्वकर्मा,श्रीमती विद्या शर्मा,श्रीमती गीता विश्वकर्मा,श्रीमती सीमा विश्वकर्मा,श्रीमती अनीता विश्वकर्मा,श्रीमती लक्ष्मी विश्वकर्मा ,श्रीमती मालती विश्वकर्मा,श्रीमती संगीता विश्वकर्मा,श्रीमती सुमित्रा विश्वकर्मा, श्रीमती अर्चना विश्वकर्मा,श्रीमती ऋतु विश्वकर्मा,श्रीमती अलका विश्वकर्मा,श्रीमती प्रीति विश्वकर्मा,श्रीमती विद्या विश्वकर्मा,श्रीमती वर्षा विश्वकर्मा,श्रीमती चंदा विश्वकर्मा,श्रीमती नेहा विश्वकर्मा,श्रीमती मीरा विश्वकर्मा,श्रीमती राधा विश्वकर्मा,श्रीमती अनीशा विश्वकर्मा उपस्थिति थी।

