जैन श्वेतांबर समाज का संवत्सरी क्षमापना समारोह संपन्न, वरिष्ठ जनों, तपस्वीयों एवं बच्चों का किया गया सम्मान… समाज की एकजुटता सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सामूहिक प्रगति को बढ़ावा देता है – संभाग कमिश्नर सुनील जैन

जैन श्वेतांबर समाज का संवत्सरी क्षमापना समारोह संपन्न, वरिष्ठ जनों, तपस्वीयों एवं बच्चों का किया गया सम्मान… समाज की एकजुटता सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सामूहिक प्रगति को बढ़ावा देता है – संभाग कमिश्नर सुनील जैन

बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 3 अगस्त। श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ का संवत्सरी “क्षमापना” समारोह चोपड़ा भवन तारबाहर में संपन्न हुआ । जिसमें बच्चों को शैक्षणिक योग्यतानुसार उपहार दिया गया । तपस्या करने वालों की अनुमोदना एवं समाज के बुजुर्गो का शाल श्रीफल से सम्मान किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुनील जैन कमिश्नर बिलासपुर एवं विशिष्ट अतिथि जैन समाज के संरक्षक प्रवीण जैन रहे ।

साथ ही मंचस्थ अतिथियों में जैन समाज संरक्षक विमल चोपड़ा, सनत जैन, सुरेंद्र मालू, इंदरचंद बैद, श्री जैन श्वेतांबर संघ के अध्यक्ष सुभाष श्रीश्रीमाल, तेरापंथ समाज के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश बोथरा, जैन सभा अध्यक्ष दीपक जैन, दिगंबर चातुर्मास समिति अध्यक्ष जयकुमार जैन उपस्थित थे ।

जैन श्वेतांबर समाज का संवत्सरी क्षमापना समापन समारोह की शुरुआत संगीता चोपड़ा एवं राखी डाकलिया के द्वारा मंगलाचरण एवं समाज की अतुल्या कोचर के द्वारा स्वागत गीत एवं अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वल से शुरू हुवा । मंचस्थ अतिथियों का स्वागत समाज के संजय कोठारी, संजय छाजेड़, अजय जैन, प्रवीण कोचर, संजीव चोपड़ा, अमित मेहता, रूपेश गोलछा, अभिनव जैन के द्वारा किया गया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिलासपुर संभाग के कमिश्नर सुनील जैन ने कहा कि समाज की एकजुटता सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सामूहिक प्रगति को बढ़ावा देता है। एकजुट समाज में लोग एक-दूसरे का सहयोग और समर्थन करते हैं, जिससे सामाजिक समस्याओं का समाधान आसान होता है । समाज की एकजुटता सामूहिक प्रगति को बढ़ावा देती है, जिससे समाज के सभी वर्गों का विकास होता है।

समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संचार और समझ बढ़ाने से एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समाज को एकजुट रहना आवश्यक है। एकजुट समाज में आर्थिक विकास की गति तेज होती है, क्योंकि लोग एक-दूसरे के साथ सहयोग और समर्थन करते हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं जैन समाज के संरक्षक प्रवीण जैन ने अपने उद्बोधन में जैन समाज के लोगों से आग्रह किया है कि वे समाज में होने वाले हर कार्यक्रम में शामिल होकर उसे सफल बनाएं। उन्होंने विशेष रूप से दिगंबर समाज के चातुर्मास कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिनमें माता जी की उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक आयोजन हो रहे हैं।

इन आयोजनों में श्री 1008 सिद्ध चक्र विधान महामंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ भी होने जा रहा है। विश्व शांति महायज्ञ यह आयोजन विश्व शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

इसी तरह के आयोजनों में जैन समाज के लोगों की भागीदारी से समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा मिलता है। प्रशांत जैन ने बताया कि जैन प्रीमियर लींग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जैन समाज के पुरुष, महिला, बच्चे, बुजुर्ग जो भी क्रिकेट खेलना चाहते हैं वह इसमें भाग ले सकते हैं ।

इस अवसर पर उपस्थित मंचस्थ अतिथियों में दीपक जैन ने कहा कि समाज में एक जूटता लाने सकल जैन समाज को प्रत्येक कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए। जय कुमार जैन एवं प्रशांत जैन ने दिगंबर समाज में होने वाले श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में शामिल होने का आग्रह किया । वही तेरापंथ समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र मालू ने अपने उद्बोधन में कहा कि 17 सितंबर को विश्व भर में तेरापंथ समाज की स्थापना दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है । इसमें सभी की उपस्थिति अपेक्षित है । इस अवसर पर सभी ने आपस में क्षमा याचना कर किसी भी प्रकार से हुए गलतियों के लिए क्षमा मांगी ।

समाज के अध्यक्ष सुभाष श्रीश्रीमाल के द्वारा उपस्थित अतिथियों के साथ 8 दिन तक चले इस पर्व को सफल बनाने के लिए दिनेश मुनोत, शितेश बैद, अमित गोलछा, संजय चोपड़ा, संजीव चोपड़ा, तुषार मेहता, अमित मेहता, अमरेश जैन, संजय छाजेड़, अजय छाजेड़, रूपेश गोलछा, प्रवीण गोलछा, प्रवीण कोचर, अभिनव डाकलिया की अनुमोदना की गई।


समाज मे अहम भूमिका निभाते हुए समाज को नई ऊंचाइयों में ले जाने के लिएशैक्षणिक योग्यता पुरस्कार में प्रतिभावान बच्चों में निया चोपड़ा, भव्य जैन मिशिका छाजेड़, प्रियांश जैन, लव्या भयानी, दिवित जैन, अनमोल संघवी, रियांश चोपड़ा, उत्कृष्ट दर्श मेहता, प्रखर डाकलिया, पंखुड़ी डाकलिया, पाखी जैन, नक्श जैन, यजस जैन, मौली मेहता, शनाया चोपड़ा, दृष्टि जैन, इप्शा मेहता, जिनेन्द्र जैन, वर्णिका चोपड़ा, पूर्वा परसरामनी, अवधी संघवी, भव्या चोपड़ा, अतुल्या कोचर, करिश्मा जैन, संजना गोलछा , रशीता मेहता, आरना सुराना, ऋषिका छाजेड़, एमए हिंदी साहित्य 75% राजेश कुमार परसरामनी, एम टेक चतुर्थ सेमेस्टर प्रथम श्रेणी ऑनर्स के साथ रोशनी श्रीमाली श्री चंद्रकांत नेहा श्रीमाली का उपहार देकर सम्मानित किया गया ।

तपस्या अठाई, षमवशरण एवं मोक्ष तप करने वाले तपस्वियों का सम्मान हुवा। जिसमें 21 की तपस्या करने वाली ऋषिका छाजेड़ एवं 9 की तपस्या अतुल्या कोचर के साथ निशी चोपड़ा एवं अन्य का सम्मान किया गया । मंच का संचालन अधिराज सुराणा एवं श्रीमति शिल्पी मनीष डाकलिया ने किया । वहीं अंत में सबका आभार प्रदर्शन समाज के वरिष्ठ दिनेश मुनोत ने की । कार्यक्रम में विमल चोपड़ा, नरेंद्र मेहता, संजय कोठारी, त्रिलोकचंद झाबक, हुल्लास चंद गोलछा, विनोद लुनिया सहित समाज के लोगों उपस्थित थे ।

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