बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 4 सितंबर। हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल का पिट्ठू बैग चोरी हो गया। बैग में सर्विस रिवाल्वर, 4 मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस और मोबाइल के साथ 10 हजार रुपए कैश रखा हुआ था। बुधवार के तड़के हुई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे और जीआरपी में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस रांची 40वीं बटालियन में एएसआई योगेन्द्र प्रसाद ओझा, प्रधान आरक्षक टेलीकाम जितेन्द्र सिंह और आरक्षक बुद्धदेव मलिक पदस्थ हैं। तीनों हटिया स्टेशन से हटिया-दुर्ग ट्रेन से दुर्ग के लिए रवाना हुए। रिजर्वेशन नहीं होने की वजह से तीनों जनरल कोच से सफर कर रहे थे।
यात्रा के दौरान एएसआई व प्रधान आरक्षक पिट्ठू बैग में अपना सर्विस पिस्टल, चार मैग्जीन, 24 जिंदा कारतूस, एक मोबाइल व 10 हजार रुपए नकद रख हुए थे। यात्रा के दौरान जवानों की रात 3 बजे चांपा स्टेशन पर आंख लग गई।
सुबह 5.50 बजे भाटापारा स्टेशन पर उनकी नींद खुली तो बैग गायब था। ओझा ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस पर ओझा ने बताया कि वह बिलासपुर आ रहे हैं। इस पर उनके पहुंचने का इंतजार किया गया। जब वह पहुंच गए, तब तीनों स्टाफ ने जीआरपी को इस घटना की जानकारी दी।
जानकारी मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी व आरपीएफ की क्राइम ब्रांच टीम पड़ताल में जुट गई। चांपा से लेकर भाटापारा तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई संदिग्ध फुटेज नहीं मिला।
वहीं जीआरपी और आरपीएफ जांच के दौरान बिलासपुर में स्टेशन चौक से तितली चौक के बीच झाड़ियों में जवानों के दस्तावेज और कपड़े बरामद हुए। बैग और हथियार का अब तक कोई सुराग नहीं है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के तीनों स्टाफ की डोंगरगढ़ में ड्यूटी थी। वह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए हटिया से दुर्ग स्टेशन तक यात्रा कर रहे थे। दुर्ग स्टेशन से किसी तरह ट्रेन से डोंगरगढ़ तक जाने की योजना थी। लेकिन, उससे पहले इतनी बड़ी घटना हो गई।

