ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 4 सितंबर।
श्री हुक्म गाछिय साधुमार्गी शांत क्रांति संघ नायक,जैन जगत की दिव्य विभूति,नानेश पट्टधर,संयम सुमेरु,प्रवचन प्रभाकर जैनाचार्य श्री विजयराज जी महाराज के वर्ष 2026 के ब्यावर चातुर्मास हेतु पुरजोर विनती एवं गुरु भगवन का पावन सानिध्य पाने हेतु शुक्रवार अलभोर मेवाड़ी गेट बाहर जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित
नवकार भवन से 35 संघ के सेवा समर्पित संघ प्रमुखों का एक विशेष जत्था जयपुर के लिए रवाना होगा। ब्यावर संघ के जुड़े संघ के राष्ट्रीय संरक्षक भामाशाह राजेंद्र कर्णावट एवम संघ अध्यक्ष समाज सेवी संपतराज ढेडिया के नेतृत्व में जाने वाले इस विशेष दल को संघ के युवा चेता संघ के राष्ट्रीय संरक्षक युवा समाज सेवी सिद्धार्थ कर्णावट नवकार महामंत्र के सामूहिक जप जाप की स्वर लहरियों के साथ जैन ध्वज दिखाकर रवाना करेंगे।
इस मौके पर श्री विजय गुरु की विजय यात्रा के पथिक अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी, समता विभूति आचार्य नानेश, विजय गुरू, शांति गुरु,जितेश गुरु की जय जयकारों को समूचे क्षेत्र को गुरु भक्ति से गुजाएंगे।
संपूर्ण संघ यात्रा में गुजेंगी प्रभु एवम गुरू भक्ति
संघ कार्यकारी अध्यक्ष पारसमल जैन महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि एक टेंपू ट्रेवल्स एवम कारों के द्वारा जाने वाला यह दल पूरे रास्ते प्रभु भक्ति एवं गुरु भक्ति में रमते हुए श्री विजय गुरु चरणों में पहुंचेंगे।
श्री छलानी ने बताया कि संघ के कोकिल कंठी गायक परम गुरु भक्त प्रकाश जैन के कुशल संचालन में सभी श्रावक एक प्रभात भगवान महावीर एवम श्री विजय गुरु के नाम के तहत जैन धर्म के 24 तीर्थंकर की
स्तुति,नवकार महामंत्र जाप,भक्तामर स्त्रोत,श्री विजय गुरु चालीसा सहित प्रभु एवम गुरु भजनों को गूंजाते हुए
भक्ति में गहरे गोते लगाएंगे।
धर्म सभा में करेंगे ब्यावर पधारने की अरदास..
श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय प्रमुख भामाशाह हुकमीचंद सिंगी ने एक जानकारी में बताया कि 2026 का वर्षाकालीन वर्षावास ब्यावर हो इस हेतु नानेश पट्टधर श्री विजयराज जी म.सा. से के गुरु चरणों में पुरजोर विनती संघ अध्यक्ष संपतराज ढेडीया एवम युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री सुश्रावक प्रकाश जैन करेंगे।
आराध्य गुरु भगवन के आगामी वर्ष 2026 के चातुर्मास वर्षा कालीन वर्षावास को लेकर संघ के सभी सदस्य गण जयपुर के तिलक नगर स्थित नवकार भवन में श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं का यह विशेष दल उत्साह उमंग,सेवा समर्पण भावो के साथ सामूहिक तौर पर आज दोपहर में श्री विजय गुरु से भेंट संघ की भावनाओ को अवगत कराते हुए गुरुदेव श्री से वर्ष 2026 का चातुर्मास ब्यावर करने की सविनय अरदास एवम विनती करेगा।
चातुर्मास करवाने हेतु ब्यावर एवम प्रवासी ब्यावर वासी पूरे समर्पण भावों के साथ श्रद्धा आस्था के साथ विगत 03 माह से पूरे समर्पण भाव से लगे हुए हैं। सबकी एक ही लगन एवम ध्येय बना है बस 2026 का चातुर्मास की दिव्य लॉटरी ब्यावर के नाम खुल जाए।
सूबे की राजधानी जयपुर के इस पुण्योदय चातुर्मास के मंगल प्रवेश से लेकर अब तक दो बार सैकड़ों की तादाद में एक साथ विनती लेकर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं के जत्थे ब्यावर और चेन्नई से गुरु चरणों में पहुंचकर अपनी मन की बात आराध्य गुरु को बता चुके हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुश्रावक प्रकाश जैन भी संयम पथ के पथिक बनकर साधु जीवन अपनाने को आतुर है।
2026 का चातुर्मास ही क्यों ..गुरु भक्ति एवं संघ समर्पण भावों से समर्पित है ब्यावर संघ…
2026 का चातुर्मास ही ब्यावर क्यों को लेकर संघ ने संघ के कार्यक्रम,
रुपरेखाओ और अपनी भावनाओं को लेकर एक बार फिर जोरदार एवम प्रभावशाली विनती लेकर गुरु चरणों में उपस्थित हो रहा है गुरुदेव के अन्नय एवम परम गुरु भक्तों को लग ही नहीं रहा है बल्कि पूरा यकीन है कि इस बार उनकी गुरु भक्ति रंग लायेगी और गुरु भगवन उनकी झोली में ये चातुर्मास अवश्य प्रदान करेंगे।
करेंगे जिनवाणी का रसपान,महा मांगलिक के भी बनेंगे साक्षी
संघ के ये सभी संघ प्रमुख एवम सेवा समर्पित सदस्य नानेश पट्टधर जैनाचार्य विजयराज जी म.सा.के दिव्य दर्शन के साथ संत एवम साध्वी मंडल की दिव्य देशना का श्रवण कर जिनवाणी में गहरे गोते लगाएंगे साथ ही गुरु चरणों में धर्म ध्यान,धर्म एवम तत्व चर्चा कर सामायिक साधना के साथ कर अपनी आत्मा का उत्थान भी करने के साथ ही श्री विजय गुरु के मुखारविंद से होने वाले दिव्य महा मांगलिक कार्यक्रम में सामायिक साधना के साथ साक्षी बनेंगे
पूज्य गुरु भगवन के मुखारविंद से होने वाली महामांगलिक में 24 तीर्थंकर भगवान की इश स्तुति स्वरूप दिव्य मांगलिक का पूरी आस्था एवम श्रद्धा के साथ श्रवण कर दुर्लभ मनुज जीवन को सार्थक करेंगे।
दल जयपुर में विराजीत साधु संत मंडल एवं महा साध्वी सहित महासती रत्नाओ की पावन निश्रा में बैठकर जैन धर्म के विविध विषयों पर चर्चा कर गुरु भक्ति में गहरी डुबकियां लगाते हुए पुनः ब्यावर पहुंचेगा। विदित रहे कि नानेश पट्टधर श्री विजय गुरु का 22 साल पहले भी यशस्वी चातुर्मास हुआ था।
22 वर्ष पूर्व हुआ था।

