किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए- श्री वीरभद्र मुनि

किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए- श्री वीरभद्र मुनि

राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ़) 8 सितंबर।श्री विनय कुशल मुनि के सुशिष्य एवं 171 दिन तक उपवास का रिकॉर्ड बनाने वाले जैन मुनि वीरभद्र (विराग) जी ने आज यहां कहा कि तत्वों को समझे तो जीवन बदलेगा ही बदलेगा। उन्होंने कहा कि किसी की मजबूरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए, किंतु आजकल लोग आपदा को अवसर बनाने में लगे हुए हैं जो ठीक नहीं है।
जैन बगीचे के उपाश्रय भवन में मुनि श्री वीरभद्र(विराग)जी ने कहा कि प्रभु को सर्वस्व अर्पण कर दो। हम प्रभु को थोड़ा बहुत भी देने में सोंचते रहते हैं, जिसने हमें सब कुछ दिया, उसको कुछ देने के लिए भी हम सोच में पड़ जाते हैं। इतिहास लिखने के लिए शांत होना जरूरी है।

मुनि श्री ने कहा कि हमें अवसर मिला है। इस अवसर का हमें लाभ उठाना चाहिए। हम इस अवसर को शरीर और संसार के लिए लगा रहे हैं किंतु धर्म ध्यान के लिए नहीं लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिसने हमें अवसर दिया हम उसके लिए भी समय नहीं निकाल पा रहे हैं! हमें उसके लिए कुछ तो करना ही चाहिए।
मुनि श्री वीरभद्र (विराग) जी ने कहा कि हमें आत्म कल्याण के मार्ग में बढ़ना चाहिए और इसके लिए हमें अपने भीतर के कुसंस्कारों को खत्म करना चाहिए।

आज हम अपने धरोहरों को बचा नहीं पा रहे हैं, जब तक हम अपने धरोहरों को बचाने की कोशिश नहीं करेंगे तब तक हम धर्म की रक्षा भी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों का धर्म ज्ञान की ओर ध्यान नहीं है, ऐसे में धर्म कैसे आगे बढ़ेगा?

उन्होंने कहा कि हमें धर्म ज्ञान के प्रति लोगों को जागरूक करना पड़ेगा साथ ही साथ हमें धर्म ज्ञान के माध्यम से मोक्ष मार्ग कीओर बढ़ना भी होगा। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में विमल हाजरा ने दी।

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