राजनांदगांव(अमर छत्तीसगढ) 15 सितंबर। शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षण संस्थान गायत्री विद्या मंदिर (हिन्दी माध्यम) कंचनबाग राजनांदगांव में हिन्दी के सम्मान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राज्यपाल सम्मान से सम्मानित प्राचार्य डाॅ. शोभा श्रीवास्तव एवं डाॅ. श्रीमती नीलम तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंकित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
शाला की उपप्राचार्य श्रीमती तामेश्वरी साहू ने साहित्यकारों के हिन्दी में योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने हिन्दी के क्रमबद्ध विकास पर प्रकाश डाला। शाला की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती दुर्गा दुबे ने स्वामी विवेकानंद जी अपनी मातृभाषा से प्रेम को एक प्रसंग के माध्यम से सबके बीच रखा।
श्रीमती रमा तिवारी ने हिन्दी को अपनी संस्कृति और संस्कार से जोड़ा। सुश्री नैनी शुक्ला ने कहा कि हिन्दी एक वैज्ञानिक भाषा है इसके सही उच्चारण से तोतलापन दूर हो जाता है। श्रीमती ममता देवांगन मैडम ने कहा कि हिन्दी हमें अपनत्व का एहसास कराती है। श्रीमती चेतना साहू मैडम नेे अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से हिन्दी भाषा का गौरवगान किया। श्रीमती वीणा स्वर्णकार मैडम ने कहा कि हम हिन्दी भाषा को आगे बढ़ाने संकल्पित रहेंगे।
गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन जी ने कहा कि मैं आप सबको हिन्दी दिवस एवं इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी की बधाई देता हूँ। हम हिन्दी एवं हिन्दी माध्यम स्कूल को आगे बढ़ाने सतत प्रयत्नशील है। भविष्य में गायत्री विद्या मंदिर ( हिन्दी माध्यम) एक रोल माॅडल बनकर उभरेगा इसका मैं आपको विश्वास दिलाता हँू।
अंत में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि डाॅ. शोभा श्रीवास्व�

