राजनांदगाव(अमर छत्तीसगढ) 17 सितम्बर। ओस्तवाल लाइन स्थित उपहार साड़ी में आज मुमुक्षु आगम सुराणा का बहुमान किया गया। महापौर मधुसूदन यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उनका भी बहुमान किया गया।
श्री यादव ने कहा कि आज भगवान विश्वकर्मा ज़ी का जन्म दिन है। वे सृजन करने वाले है। आगम ज़ी भी सृजन के मार्ग पर चलने वाले हैं। मैं उनके संयमी जीवन में सफलतापूर्वक चलने की कामना करता हूं।
जैन समाज के भागचंद गीड़िया ने कहा कि आगम सुराणा ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में संयम पथ पर चलने का निर्णय लिया है जो निश्चय ही अनुमोदन योग्य है। इस उम्र में बच्चे भौतिक सुख सुविधाओं को देखते हैं वही आगम ने आध्यात्मिकता का मार्ग चुना।
वे संयम की मां शीतल सुराणा और पिता जय सुराणा की भी अनुमोदना करते हैं जिन्होंने अपने पुत्र आगम को संयम मार्ग में चलने की स्वीकृति दी। बहुमान सभा में माही शैलेश सुराणा ने आगम सुराणा के जीवन परिचय देते हुए कहा कि 6 मई 2010 को आगम का जन्म दुर्ग में हुआ।
उनके दादा चंद्रकांत सुराणा तथा माता शीतल सुराणा और पिता जय सुराणा है। वे बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के हैं। सभा का संचालन करते हुए आशीष बैद ने बताया कि आचार्य श्री रामलाल जी का भी जन्म देशनोक (राजस्थान) में हुआ है और आगम के दादा चंद्रकांत सुराणा का भी जन्म देशनोक (राजस्थान) में हुआ है।
आगम के जन्म के 12साल बाद हर्षित मुनि जी का चातुर्मास सन 2022 में दुर्ग में हुआ था तब वह हर्षित मुनि की संपर्क में आया था और उनसे काफी प्रभावित भी हुआ ।
*प्रारंभ में कार्यक्रम की शुरुआत मुमुक्षु आगम सुराणा के द्वारा मंगलाचरण से किया गया। आगम सुराणा की मौसी सरिता शैलेश सुराणा ने गीतिका प्रस्तुत की। आगम ने भी बताया कि वे आचार्य रामलाल जी और उपाध्याय राज�

