राजनंदगांव(अमर छत्तीसगढ) 20 सितंबर। आगामी वैवाहिक मांगलिक कार्यक्रमों को दृष्टि में रखते हुए पूज्य सिंधी पंचायत हेमू कालानी नगर ने वैवाहिक कार्यों की कुछ अनीतिपूर्ण गतिविधियों और नई परंपराओ पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करते हुए सभी सामाजिक बंधुओ से इसका पालन करने का आवाहन किया है। जिसकी जानकारी पूज्य सिंधी पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष महेश दरयानी को बैठक में दी गई।
पूज्य सिंधी पंचायत के वरिष्ठ सलाहकार आवतराम तेजवानी, अर्जुनदास पंजवानी, घनश्यामदास गंगवानी, गुरमुखदास वाधवा एवं अध्यक्ष मन्नुमल मोटलानी के अनुसार समाज में क्षणिक आनंद की खातिर संस्कारों की हत्या की जाती है,इसलिए इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए बैठक में पुल पार्टी पर पूर्णतःप्रतिबंध लगाया गया है।
और समाज की सगाई,वैवाहिक स्थल पर शराब/ बियर/धुम्रपान/हुक्का आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है। बारातियों को बारात मार्ग एवं किसी खुले स्थान पर मदिरापान कराने पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।
समस्त वैवाहिक कार्यक्रम विवाह पत्रिका में तय समयानुसार किए जाएं। प्री वेडिंग शूट पर पूर्व से जारी प्रतिबंध (PCSP के पूर्व निर्देशानुसार) रहेगा। बारात में रोड साइड महिलाओं का नाचना एवं फटाका फोड़ना वर्जित है।वर्षों से चली आ रही परंपरा के विकृत रूप लेने के कारण बारात पहुंचने पर वधु पक्ष से पैसे की मांग, दूल्हे को कंधे पर उठाना या अन्य अभद्र व्यवहार पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
समाज के महासचिव हरीश मोटलानी ने कहा कि “वरमाला” एक बहुत ही मर्यादित “संस्कार” है। नवयुगल से सहर्ष झुककर स्वीकार करने का आग्रह किया गया है,इसमें किसी भी प्रकार का मजाक न उड़ाने का निवेदन किया गया है।

