डोंगरगढ़(अमर छत्तीसगढ) 29 सितंबर। छत्तीसगढ़ के पीसीसी चीफ दीपक बैज सोमवार को डोंगरगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने मां बम्लेश्वरी देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मिडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा और सीएम विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही उन्होंने संगठन विस्तार के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि, प्रदेश की भाजपा सरकार खुद कन्फ्यूजन में है। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के बयान एक-दूसरे से अलग-अलग हैं। पहले वे दोनों आपस में तय कर लें कि करना क्या है।
आखिरकार रेड कारपेट किसके लिए बिछाया जाएगा? क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि, नक्सलवाद खत्म होने के बाद राज्य के खनिज संसाधनों को उद्योगपतियों को नहीं बेचा जाएगा?
उन्होंने आगे कहा कि, हकीकत यह है कि अभी नक्सल समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही दंतेवाड़ा और बैलाडीला की तीन आयरन और खदानों को बेच दिया गया है।
कांकेर की खदान भी उद्योगपतियों के हाथों सौंप दी गई है। तो फिर सवाल उठता है कि रेड कारपेट नक्सलियों के लिए है या उद्योगपतियों के लिए?
संगठन विस्तार पर उन्होंने कहा कि, कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए 17 पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर) की नियुक्ति की गई है, जो अन्य राज्यों से आ रहे हैं।
ये ऑब्जर्वर दशहरा के बाद और दीपावली से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में बैठक करेंगे और संगठन की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आलाकमान को सौंपेंगे।

