कोरबा(अमर छत्तीसगढ) 30 सितंबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शिक्षिका की लापरवाही की वजह से एक बच्चे के एक आंख की रौशनी चली गई। शिक्षिका ने आंख में चोंट के बाद लापरवाही बरती और छात्र को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती नहीं कराया।
इलाज में देरी की वजह से छात्र के एक आंख की रोशनी चली गई। जिसके बाद इस मामले को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लेते हुए शिक्षिका इंद्राणी पांडे को निलंबित कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कटघोरा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला चुनचुनी आदर्श नगर कुसमुंडा में खेल-खेल में एक बच्चे ने दूसरे बच्चों को डंडे से मारपीट कर दिया था।
इस विवाद में एक बच्चे के बाएं आंख पर चोंट आई। लेकिन शिक्षिका के द्वारा छात्र को आंख के इलाज के लिए अस्पताल नहीं जाया गया। इसके अलावा छात्र को आंख में चोंट लगने की सूचना अभिभावकों को भी नहीं दी गई। दो से तीन घंटे तक छात्र को स्कूल में ही रखा गया।
इसकी वजह से छात्र को समय पर इलाज नहीं मिला। जब छात्र स्कूल से घर पहुंचा। तब अभिभावकों इसकी जानकारी हुई और बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने बच्चे की आंख की जांच की।
डॉक्टर ने बताया कि, बच्चे की आंख खराब होने की पुष्टि की। अभिभावकों ने इसकी शिकायत पुलिस और जिला शिक्षा विभाग से की। विभाग ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कटघोरा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। बीईओ ने जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा।
डीईओ ने यह जांच रिपोर्ट संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर को भेजा। बताया गया कि घटना के दिन नौ जुलाई को स्कूल के प्रधान पाठक अचानक अवकाश पर चले गए थे। स्कूल का प्रभारी प्रधान पाठक इंद्राणी पांडे को बनाया गया था।
इस पर संयुक्त संचालक ने माना कि प्रभारी के रूप में शिक्षिका इंद्राणी ने जिम्मेदारी का निर्वहन निष्ठापूर्वक नहीं किया। इस कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत शिक्षिका इंद्राणी पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

