रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 6 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाले मामले में EOW ने अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के खिलाफ 1500 पन्नों का चालान पेश किया। एजेंसी ने प्रेस नोट कर बताया कि, दोनों आरोपियों के खिलाफ विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 384 एवं 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 11, 13 (1) (क), 13(2) के अंतर्गत विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) में 1500 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
दोनों आरोपी केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध हैं। पूर्व में फरवरी 2025 में रोशन चन्द्राकर एवं मनोज सोनी के खिलाफ ईओडब्ल्यू के द्वारा कस्टम मिलिंग स्कैम में प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया था।
अनिल टुटेजा द्वारा छ.ग. प्रदेश राईस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ प्रारंभसे आपराधिक षडयंत्रपूर्वक कस्टम मिलिंग स्कैम में राईस मिलरों से अवैध वसूली की गई है एवं इस अवैध वसूली से असम्यक लाभ कम से कम 20 करोड़ रूपये भी प्राप्त किया गया है।
राईस मिलरों से अवैध वसूली करने हेतु मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाकर राईस मिलरों का बिल लंबित रखा जाता था, जिससे कि राईस मिलर दबाव में आकर 20 रू. प्रति क्विंटल की दर से अवैध धनराशि देते थे।
अनवर ढेबर वर्ष 2022-23 में राजनीतिक रूप से प्रभावशील व्यक्ति थे। आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों से इस बात के प्रमाण मिले हैं कि वह न केवल शराब घोटाले बल्कि तत्कालीन शासन के अन्य महत्वपूर्ण विभागों जैसे-पीडब्ल्यूडी, वन विभाग पर भी गहरा एवं प्रत्यक्ष प्रभाव डालते थे।
अनवर ढेबर के द्वारा कस्टम मिलिंग स्कैम में अनिल टुटेजा के लिये राईस मिलरों से की गई अवैध वसूली का संग्रहण, व्यय, निवेश एवं उपभोग किया गया है।
प्रकरण में रामगोपाल अग्रवाल एवं अन्य आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है।

