बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 16 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में एक नवजात बच्चे के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए व्यवहार किया गया है। जहां नवजात बच्चे के जन्म के बाद उसके सीने के पास एक बड़ा सा बोर्ड चस्पा कर दिया गया था कि इसकी मां एचआईवी पॉजिटिव है। इस मामले पर हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए राज्य सरकार को माता-पिता को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने कि, यह कृत्य अमानवीय, असंवेदनशील और असंवैधानिक है। मरीज की पहचान उजागर करना निजता और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। राज्य सरकार को माता-पिता को 2 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए आदेशित किया जाता है। इसके साथ कोर्ट ने मुख्य सचिव से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। इस पर अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

