युगांतर के द्वारा कला का सम्मान करना सराहनीय -डाॅ लवली शर्मा

युगांतर के द्वारा कला का सम्मान करना सराहनीय -डाॅ लवली शर्मा


राजनांदगांव (अमर छत्तीसगढ) 15 अक्टूबर। युगांतर पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय राज्य स्तरीय संगीत और नृत्य की अन्तर्विद्यालयीन प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन का समापन डाॅ लवली शर्मा वाइस चांसलर इंदिरा कला और संगीत विश्वविद्यालय के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

इस अवसर डाॅ लवली शर्मा ने कहा कि युगांतर के द्वारा कला को सम्मानित करने का प्रयास सराहनीय है। युगांतर कला संगम जैसे बृहद आयोजन के जरिए बहुमुखी प्रतिभा को एक साथ एक मंच में लाने की कोशिश काबिलेतारीफ है।

युगांतर प्रबंधन कला की कितनी समझ रखता है, वह इस बात का परिचायक है कि वह अपने संगीत और नृत्य के प्रतिभावान शिक्षक-शिक्षिकाओं का सदा आदर-सम्मान करता है।

कला की उचित समझ रखने वालों की जिंदगी बदल जाती है। उन्होंने इस भव्य और बृहद आयोजन के लिए प्रबंधन और प्राचार्य सहित संगीत और नृत्य विभाग को बधाई दी।
इस दो दिवसीय भव्य आयोजन में राज्य भर की 25 स्कूलों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने प्रभारी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ भाग लिया और विविध वर्गों में अपनी संगीत और नृत्य कला का प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया ।

इनमें शिव शक्ति स्कूल बिलासपुर, नारायणा स्कूल दुर्ग, केपीएस नेहरू नगर भिलाई, शकुन्तला विद्यालय भिलाई, जे एल एम गायत्री, संस्कार सिटी इन्टरनेशनल स्कूल, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, अजीज पब्लिक स्कूल, नीरज पब्लिक स्कूल सहित अन्य स्कूल भी शामिल रहे। जब सुर, ताल, पदचाप की युति हुई, तब सारा विद्यालय परिसर विशाल महोत्सव के रंग में रंग गया।

जहाँ विद्यार्थियों ने सामूहिक नृत्य “लकड़ी की काठी काठी में घोड़ा’ में बच्चों की सुंदर बाल-लीला के दर्शन कराए, वही उन्होंने सामूहिक नृत्य ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ में राज्य की मनमोहक सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत कर खूब वाह-वाही बटोरी।

आयोजन में कथक और भरतनाट्यम जैसे क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुतियों ने चार चाँद लगा दिए। प्राइमरी विभाग के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने के लिए विवश कर दिया। इसी तरह और भी मनमोहन प्रस्तुतियाँ हुई, जिसने दर्शकों की खूब वाह-वाही बटोरी।
समापन समारोह की शुरूआत संगीत शिक्षक टी विशाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि संगीत और नृत्य विभाग का यह आयोजन राज्य भर की स्कूलों के भाग लेने से उत्साहजनक बन गया है।

इसी तरह के विचार रखते हुए विद्यालय के निदेशक (अकेडमिक्स) सुशील कोठारी ने कहा कि युगांतर के इस आयोजन में इंदिरा संगीत और नृत्य विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डाॅ लवली शर्मा का मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना ही हमें उमंगित करता है।

इस विश्वविद्यालय ने देश को बड़ी बड़ी प्रतिभाएं दी है। युगांतर भी इस आयोजन के जरिए उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का छोटा-सा प्रयास कर रहा है। उन्होंने मुख्य अतिथि डाॅ लवली शर्मा और प्रतियोगिता में शामिल सभी स्कूलों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।


मुख्य अतिथि के कर-कमलों सभी स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। यही नहीं प्रतियोगिता में प्रभावी प्रस्तुति देने वाले विद्यालय को युगांतर कला रत्न एवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता के निर्णायक पीटी उल्लास कुमार (भिलाई), सपन भट्टाचार्य (भिलाई), डाॅ गुंजन तिवारी (इंदिरा संगीत और नृत्य विश्वविद्यालय खैरागढ़) , डाॅ मंजरी बख्शी (इंदिरा संगीत और नृत्य विश्वविद्यालय खैरागढ़) रहे। ये चारों निर्णायकों ने अपने कला क्षेत्र में विशिष्ट मुकाम हासिल किया है।

मुख्य अतिथि के सम्मान में युगांतर आर्केस्ट्रा बैंड और कथक में पारंगत युगांतर की छात्रा प्रसिद्धि सिन्हा की प्रभावी प्रस्तुति हुई, जिसे मुख्य अतिथि लवली शर्मा ने काफी सराहा।

समारोह में विद्यालय के चेयरमैन अजय सिंगी, वाइस चेयरमैन अखराज कोटड़िया, सेक्रेटरी विनय डड्ढा, प्राचार्य मधुसूदन नायर, हैड मिस्ट्रेस विनिता तिलवानी, बड़ी संख्या में प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ और प्रभारी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

समारोह के अंत संगीत शिक्षिका ने लवली पाल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य और प्रबंधन का आभार माना। समारोह का संचालन दीपांक्षा शर्मा और तनुश्री मुखर्जी ने किया।

आयोजन को सफल बनाने में आकांक्षा चतुर्वेदी, अमिषा सोनी, अभिलाषा सिंह, वरिष्ठ रिदम शिक्षक गोपी प्रसाद पटेल, अक्षय केहरी, स्टूडेंट कौन्सिल के पदाधिकारियों ने अमूल्य योगदान दिया।

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