बिलासपुर(अमर छत्तीसगढ) 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिक्षक से ठगी का मामला सामने आया है। जहां जमीन बेचने का झांसा देकर शिक्षक से 4 लाख 20 हजार रुपए वसूल लिया। इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए दस साल से बरगलाने लगा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज किया है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है।
रतनपुर पुलिस ने बताया कि ग्राम मोहतराई सांई माया कॉलोनी निवासी ब्रजभूषण यादव पिता घनश्याम यादव (36) आईसेक्ट नर्मदा नगर बिलासपुर में कम्प्यूटर का शिक्षक है। अयोध्या प्रसाद बंजारे से ग्राम मोहतराई द ब्रिज प्रोजेक्ट में प्लांट नं. 831 रकबा 1200 वर्ग फुट को 3 लाख में आशिष जायसवाल से खरीदा था।
रजिस्ट्री नहीं हुई थी। उसी जमीन को किशोर साहू, और राजेन्द्र प्रसाद साहू के माध्यम से आयोध्या प्रसाद से 4 लाख 20 हजार नगद राशि देकर आशिष जायसवाल से लिखित में अनापत्ती प्रमाण लेकर खरीदा था।
आशिष जायसवाल ने ब्रजभूषण के नाम पर एग्रीमेंट भी किया और बोला कि सीजी रेरा से टीएनसी अप्रूवल होने के बाद आपके नाम से रजिस्ट्री किया जाएगा। उसके बाद दो वर्ष उड़ीसा भुवनेश्वर में जमीन के विवाद में आशीष जेल चला गया।
जेल से आने के बाद ब्रजभूषण ने 15 जुलाई 2021 को उसका कार्यालय गौरव पथ रोड महाराणा प्रताप चौक बिलासपुर गया तो फिर एग्रीमेंन्ट के पीछे में अंग्रेजी में लिखकर लिखकर सील लगाकर हस्ताक्षर किया और मौखिक बोले कि अप्रूवल के बाद रजिस्ट्री करा दूंगा। 19 जुलाई 2022 को फिर से पीड़ित ब्रजभूषण ने उसके कार्यालय गया। टीएनसी एप्रूवल न होने के कारण यह एग्रीमेंन्ट में फिर से लिखकर दिया है और बोला कि जल्द ही रजिस्ट्री करा दूंगा। रेरा में डाक्यूमेंट जमा हो गया है।
कुछ दिनों के बाद उसके स्टाफ रेशमा ने कहा कि सामने की जमीन की अप्रूवल रेरा ने नहीं दिया है। पीछे की जमीन की रजिस्ट्री करा लिजिए। तब पीड़ित ने मना कर दिया और कहा कि जिस जमीन को खरीदा हूं उसी जमीन की रजिस्ट्री कराईए।
आरोपी आशीष ने कंपनी का नाम सन 2024 में (द ब्रिज) को बदल कर सांई माया प्रोजेक्ट के नाम रखा है। उक्त कंपनी का मालिक आशिष ने दस साल से रेरा से अप्रूवल होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री करवाने का झांसा देकर घुमा रहा है। पीड़ित ब्रजभूषण मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हो गया है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

