रायपुर(अमर छत्तीसगढ) 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना में मुआवजा राशि घोटाले में ईओडब्ल्यू की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन पटवारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला पटवारी भी शामिल हैं।
आरोपी दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी टोकरो) एवं बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी भेलवाडीह) द्वारा लोकसेवक पद पर रहते हुए पद का दुरूपयोग कर भूमाफियों / प्राइवेट व्यक्तियों से षडयंत्र कर भारतमाला परियोजना में प्रभावित होने वाली भूमि के भूमि स्वामियों का बैक डेट में खाता विभाजन (बंटवारा) एवं नामांतरण का कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में आज गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर में पेश कर अग्रिम कार्रवाई की गई।
अन्य फरार चल रहे लोकसेवकों के विरूद्ध पूर्व में न्यायालय द्वारा वारंट जारी कर उद्घोषणा कराया गया। साथ ही कुर्की की कार्यवाही की जानी थी। इसी बीच उच्च न्यायालय के द्वारा इनकी गिरफ्तारी में रोक लगायी गयी थी, जो कल 28.10.2025 को उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी से रोक हटाने जाने के पश्चात् इन्हें गिरफ्तार किया गया है।
प्रकरण के अन्य आरोपी, जो अभी भी फरार हैं, की पता तलाश कर गिरफ्तारी की जानी है। पूर्व में 13 अक्टूबर 2025 को 10 आरोपियों, जिनमें 2 लोकसेवक हैं, के विरूद्ध प्रथम अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।

