पूना महाराष्ट्र (अमर छत्तीसगढ) 30 अक्टूबर। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कात्रज दत्त नगर आनंद दरबार श्रीसंघ के तत्वावधान में आगम पर्व-2025 के तहत वर्षावास कर रहे मरूधरा मणि महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा के श्रीचरणों में गुरूवार को गुरू मरूधर केसरी रूप सुकुन चातुर्मास समिति बेंगलौर के सदस्य वर्ष 2027 का चातुर्मास प्रदान करने की भावपूर्ण विनती लेकर पहुंचे।

इस दौरान आगामी ओपन एग्जाम बुक जैन समय समीक्षा तत्व प्रवचन-भाग 2 का विमोचन बेंगलौर के वरिष्ठ सुश्रावक महावीरचंदजी लुकड एवं समिति के अन्य सदस्यों ने किया। तत्वचिंतिका आगमरसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. द्वारा रचित पुस्तक विमोचन के बाद महासाध्वी मण्डल को समर्पित की गई।
इस ओपन बुक एग्जाम के लिए उत्तरपुस्तिका जमा कराने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 रहेगी। गुरू दर्शन एवं धर्म लाभ पाने के लिए पहुंचे बेंगलौर के श्रावकों को महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. ने धर्म संदेश प्रदान करते हुए सभी के प्रति हार्दिक मंगलभावनाएं व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि बेंगलौरवासियों की भक्ति भावना अनुपम है ओर वह सदा जिनशासन की सेवा में अग्रणी रहते आए है। मरूधर केसरी एवं रूपचंदजी म.सा. के मानव सेवा व जीवदया के संदेश को जन-जन तक फैलाने में बेंगलौर के गुरूभक्त परिवारों की सेवा सराहनीय है।
तत्वचिंतिका आगमरसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. ने कहा कि जीवन में सफल वहीं होता है जो दूसरों के भरोसे रहने की बजाय खुद की योग्यता पर भरोसा रखता है। हमे भगवान के प्रति श्रद्धा एवं आस्था रखते हुए अपने कर्म करने चाहिए। जीवन में पांच बाते भजन, भोजन, लगन, शयन ओर मरण खुद ही करना होगा। ये कार्य कोई अन्य नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि प्रमाद का त्याग कर जो स्वयं पर भरोसा रखते है उनकी मदद परमात्मा भी करता है। पराश्रित रहने वालों को जीवन में तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ.दर्शनप्रभाजी म.सा., सेवाभावी दीप्तिप्रभाजी म.सा., विद्याभिलाषी हिरलप्रभाजी म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।

धर्मसभा में गुरू मरूधर केसरी रूप सुकुन चातुर्मास समिति बेंगलौर भंवरलाल पगारिया, महावीरचंद धोका, महावीरचंद लुकड, प्रसन्नचंद संचेती, सोहनलाल मेहता, मीठालाल कास्वा, उगमराज लुणावत, मांगीलाल बोहरा, धर्मीचंद लुकड, दिनेश रांका, सज्जनराज रांका, जयचंद रांका, पन्नालाल कोठारी, नेमीचंद चौरड़िया, गौतम दरड़ा, मनोहरलाल लुकड, सुभाष मुथा, संतोष सांखला, मंगलचंद मुणोत, उगमराज कांकलिया, एन.गौतमचंद लुकड, अजय कांकलिया, जयंतिलाल असावत, पंकज कांकलिया आदि सदस्यों ने विनती पत्र साध्वी मण्डल के श्रीचरणों में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि बेंगलौरवासी गुरूभक्त परिवार इन्दुप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा के चातुर्मास की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे है। वर्ष 2027 का चातुर्मास तप त्याग ओर धर्म प्रभावना की दृष्टि से यादगार बने इसके लिए भी पूरे प्रयास किए जाएंगे।
साध्वी मण्डल ने विनती प्रस्तुत करने आए श्रावकों को साधुवाद अर्पित करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के चातुर्मास के बारे में समय आने पर उचित स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। बेंगलौर से आए श्रावकों का आनंद दरबार श्रीसंघ की ओर से स्वागत किया गया।
प्रस्तुतिः निलेश कांठेड़, अरिहन्त मीडिया एंड कम्युनिकेशन,भीलवाड़ा

