ब्यावर वासियों को विजय गुरु के चातुर्मास की आस जगी, जयपुर वर्षावस के बाद गुरु चरण जोधपुर की ओर

ब्यावर वासियों को विजय गुरु के चातुर्मास की आस जगी, जयपुर वर्षावस के बाद गुरु चरण जोधपुर की ओर

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 31 अक्टूबर।
(प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार)

संघ का विशेष शिष्ट मंडल विजय गुरु से मिला,करी अरदास
जैन जगत की दिव्य विभूति,संयम सुमेरु,प्रवचन प्रभाकर,वाणी के जादूगर, नानेश पट्टधर,1008 श्री जैनाचार्य प्रवर श्री विजयराज जी म. सा.के आगामी चातुर्मास हेतु ब्यावर संघ लगातार पुरजोर विनती कर रहा है।

ब्यावर संघ के अध्यक्ष समाज सेवी
संपतराज ढेड़ीया एवम अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय संरक्षक भामाशाह राजेंद्र कर्णावट,ब्यावर संघ प्रमुख हुकमीचंद सिंगी सहित एक शिष्ट मंडल जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरुदेव से मिला एवम गुरु चरणों में ब्यावर संघ की भावनाओं को बताते हुए ब्यावर पधारने एवम आगामी वर्षावास ब्यावर में करने की पुरजोर विनती की।


23 वर्षों पूर्व हुआ था ब्यावर में चातुर्मास
उल्लेखनीय रहे कि श्री हुक्मगाछिय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के संघनायक,नानेश पट्टघर श्री विजय राज जी म.सा. का 23 वर्ष पूर्व ब्यावर शहर के नया बास स्थित मुथा जी का नोहरा( बिरद भवन) में यशस्वी एवम ऐतिहासिक 04 माह का वर्षा कालीन वर्षावास हुआ था।

2002 में हुए इस वर्षावास में धर्म ध्यान,तप त्याग,जप जाप एवम साधना आराधना की जबरदस्त बयार बही थी। युवाओं का धर्म के प्रति जोरदार रुझान बढ़ा था।
ब्यावर सहित चेन्नई प्रवासियों ने विजय गुरु को ब्यावर पधारने का किया आग्रह


श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएएस राजूभाई भुरट ने हमारे ब्यावर संवाददाता प्रकाश जैन से विशेष बातचीत में बताया कि जैन जैनेतर समाज की आंतरिक इच्छा पूज्य गुरु भगवन के 2026 के वर्षा कालीन चातुर्मास संजोए हुए है।

सूबे की राजधानी जयपुर में श्री विजय गुरुदेव के इस चातुर्मास में ब्यावर संघ एवम प्रवासी ब्यावर चेन्नई संघ ने काफी बड़ी तादाद में गुरु चरणों में उपस्थित होकर भावभरी विनती प्रस्तुत की वहीं ब्यावर संघ के सेवा समर्पित सदस्यगण कई बार अलग अलग जत्थे लेकर गुरु चरणों में पहुंचकर अपनी भावनाओं को अवगत करा चुके है।
ब्यावर संघ बड़ा पुण्यवान संघ है,ब्यावर आने की बार बार इच्छा होती है
श्री विजय गुरु भगवन ने ब्यावर संघ की विनती की झोली में ग्रहण करते हुए अपने द्वारा रचित गीत ब्यावर वालों पे गुरु महरबान है,संघ यहां का बड़ा पुण्यवान से समूचे नवकार भवन को गूंजा दिया।

नानेश पट्टधर ने कहा कि समता विभूति जैनाचार्य नानेश के अनुयायियों में प्रमुख 04 संघों में ब्यावर भी प्रमुख स्तंभ है। मेरी इस उर्वरा भूमि पर बार बार आने की इच्छा होती है।
ब्यावर में ही संयम लेने के भाव जागे थे विजय गुरु को
श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं संघ संरक्षक प्रेमराज सोमावत ने बताया कि नानेश पट्टधर संयम सुमेरु श्री विजयराज जी म.सा. को संयम भाव ब्यावर में ही जगा था।

सांसारिक जीवन में जब पूज्य गुरु भगवन बीकानेर बालक मंडली के साथ समता विभूति नाना गुरु के दिव्य दर्शन करने आए तो उन्हें संयम का जागरण हुआ।

उन्होंने विराट धर्म सभा में दीक्षा लूंगा मुनि बनूंगा कहता चेला विजय कुमार गीत गाकर पूरे पंडाल में अपनी बात पर मोहर लगा दी थी।
माता पिता बहन सहित संयम पथ के पथिक बने विजय गुरु समता विभूति जैनाचार्य नाना गुरु संघ में जब बालक मंडली के विजय कुमार के संयम लेने के भावों की जानकारी उनके माता पिता को लगी तो वे भी उनकी बेटी के साथ नानेश वाटिका संघ में एक साथ संयम मार्ग अपनाने को आतुर हो गए।

चारो संयमी आत्माओं को पूज्य श्री नाना गुरु ने अपने मुखारविंद से जैन भगवती दीक्षा प्रदान की। दीक्षा के बाद विजय कुमार संत विजय मुनि एवम उनकी बहन महासती प्रभावती जी के रूप में नामकरण हुआ।

संत श्री विजय मुनि म.सा. बाद में साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के संघनायक बने उन्हे संघ के वरिष्ठ संत महास्थविर श्रमण श्रेष्ठ प्रवर श्री शांति मुनि महाराज ने अपने साथी संतो के साथ तरुणाचार्य पद की चितौड़गढ़ में व जैनाचार्य पद की चादर अजमेर में ओढ़ाई।
श्री विजय गुरु अब इस संघ को अपने कठिन साधना से नित नए आयामों की और अग्रसर करने मे जुटे हुए हैं। वहीं उनकी सांसारिक बहन महा साध्वी रत्ना महासती श्री प्रभावती जी म.सा. जिन शासन की दिव्य प्रभावना कर रही है। उल्लेखनीय रहे कि श्री विजय गुरु एवम महासाध्वी श्री प्रभावती जी अभी जयपुर में चातुर्मास हेतु प्रवास रत है।


भगवान महावीर एवम नाना गुरु के दिव्य संदेशों का अलख जगा रहे है विजय गुरु श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संघ संरक्षक समाज सेवी हेमंत कोठारी एवम उनकी धर्म सहायिका श्री अखिल भारतवर्षीय शांत क्रांति जैन महिला संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष लीला कोठारी ने संयुक्त जानकारी में बताया कि संयम सुमेरु जैनाचार्य प्रवर संयम मार्ग पर आरूढ़ होने के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में गांव गांव ढाणी ढाणी हजारों किलोमीटर पैदल विहार कर अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर एवम समता विभूति जैनाचार्य पूज्य गुरुदेव नाना गुरु के दिव्य संदेशों एवम पावन आदर्शों का अलख जगाने में अपने शिष्य मंडली के साथ जुटे हुए हैं।


ब्यावर वासियों की आस जगी अब हो जायेगा चातुर्मास समरस शिरोमणि श्री विजय गुरुदेव के जयपुर वर्षवास संपूर्ण करने के बाद जोधपुर की दिशा में विहार होगा। स्वयं विजय गुरु ने जोधपुर संघ के पुरजोर आग्रह पर दिसंबर में संस्कार शिविर में अपने सभी आगारों के साथ जोधपुर पहुंचने की स्वीकृति प्रदान की है। इस आशय की घोषणा से ब्यावर संघ को यह आस जगी कि गुरुदेव के चरण ब्यावर जरूर पड़ेंगे एवम उनके नगर में विजय गुरु के चातुर्मास की संभावना पर अब मोहर लग जायेगी।
बच्चो का संस्कार शिविर दिसंबर को..
बालक बालिकाओं एवम युवाओं में धार्मिक एवम नैतिक सुसंस्कारों के बीजारोपण एवम संस्कार अभिवृद्धि हेतु पूज्य श्री विजय गुरु के पावन सानिध्य में आगामी 25 दिसंबर से 09 दिवसीय संस्कार शिविर का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिसमे ब्यावर सहित देश भर के सैकडों बालक बालिकाएं एवं युवा हिस्सा लेकर अपने ज्ञानार्जन में वृद्धि करेंगे।

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