बीजापुर(अमर छत्तीसगढ) 31 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर के दारापारा में 13 दिन पहले एक पुलिसकर्मी के मकान से एक नाबालिक आदिवासी युवती चांदनी कुडियम की लाश फंदे में लटकते हुए मिली थी। 14 वर्षीय मृतका कक्षा छठवीं की छात्रा थी। वहीं परिजनों ने पुलिस कर्मी सुभाष तिर्की और उसकी पत्नी नीरजा तिर्की पर हत्या करने का आरोप लगाया है।
परिजनों का आरोप है कि उसके बाद गोपनीय तरीके से शव को बुलेरो वाहन से गृह गांव दुगोली पहुंचाया गया।जहां परिजनों और गांव वालों को डेढ़ लाख रुपये देकर मामले को दबाकर अंतिम संस्कार करने की कोशिश की गई थी। मामला 17-18 अक्टूबर का बताया जा रहा है इस मामले में पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर लिया है।
परिजन इस मामले को लेकर पुलिस कर्मी सुभाष तिर्की और उसकी पत्नी नीरजा तिर्की पर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही इस मामले में कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।
मृतका चांदनी कुडियम के भाई अजय कुडियम ने बताया कि, 17-18 अक्टूबर को दारापारा स्थित एक पुलिसकर्मी सुभाष तिर्की के मकान में उसकी बहन चांदनी कुडियम का शव संदिग्ध स्थिति में फंदे पर लटकते हुए पाया गया था।
इसी साल जून महीने में बीजापुर के दारापारा में रहने वाले पुलिसकर्मी सुभाष तिर्की की पत्नी नीरजा तिर्की ने अपने किसी रिश्तेदार के साथ चांदनी कुड़ियाम के घर आई थी और उसे अपने घर में काम करने के ले जाना चाहती थी।
भाई अजय ने इसका विरोध करते हुए यह कहकर भेजने से मना किया था कि लड़की भैरमगढ़ में छठवीं कक्षा में अध्यनरत है और वह उसे पढ़ाना चाहता है। लेकिन नीरजा तिर्की ने उसका पालन पोषण और आगे की पढ़ाई कराने का आश्वासन दिया था।

घटना से एक दिन पहले चांदनी कुड़ियाम ने उसे फोन किया था और बताया था कि वह बहुत परेशान है और घर आना चाहती है।
तब भाई ने पूछा था कि क्या हुआ तो चांदनी ने कहा था कि घर आने के बाद यहां की पूरी कहानी बताऊंगी। क्योंकि पुलिसकर्मी के घर के पीछे गड्ढा खोदकर कुछ छुपाया गया है। इसके अलावा और भी बहुत से राज वो जानती है और उसके दूसरे दिन ही उसके बहन के मौत की खबर मिली।
भाई अजय ने बताया की मौत के बाद पुलिसकर्मी सुभाष और उसकी पत्नी नीरजा तिर्की उनके गृह ग्राम दुगोलि के तेलीपारा पहुंचे थे और इस मामले को दबाने के लिए डेढ़ लाख रुपए का ऑफर दे रहे थे। वे यह भी कह रहे थे कि इस मामले को पुलिस तक न जाने दिया जाए और यही रफादफ़ा किया जाए।
जिसके बदले में उन्हें पैसा दिया जाएगा। उन्हें के रिश्ते में एक युवती ने पुलिस को फोन कर दिया तब तक पुलिसकर्मी और उसकी पत्नी बीजापुर नगर से बाहर के रास्ते से बोलेरो वाहन में शव को रखकर गांव पहुंचे।
जहां वे दबाव बनाकर अंतिम संस्कार करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इस मामले की भनक पुलिस को लग गई। जिसके बाद पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर बीजापुर अस्पताल लाई और मामला पंजीबद करने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
भाई अजय कुड़ियां का आरोप है कि उसकी बहन चांदनी कुड़ियाम के साथ पुलिसकर्मी सुभाष और उसकी पत्नी नीरजा अच्छा व्यवहार नहीं करते थे। उसे प्रताड़ित किया जाता था।
यही बात वह घर आकर अपने परिजनों को बताना चाहती थी. लेकिन उसके पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसकी बहन ने फांसी नहीं लगाई है।
क्योंकि वह 14 वर्षीय नाबालिक बच्ची थी वह किसी भी हालत में आत्महत्या नहीं कर सकती थी। पुलिसकर्मी सुभाष और उसकी पत्नी नीरजा के द्वारा उसकी हत्या की गई है।
अगर हत्या नहीं की जाती तो मामले को दबाने के लिए पैसों का ऑफर क्यों दिया जाता और दफनाने की जगह उसे जलाने का दबाव बनाया गया, अंतिम संस्कार किया गया है। अजय का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस मामले में बीजापुर कोतवाली के प्रभारी दुर्गेश शर्मा का कहना है कि शव का पंचनामा किया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

