ब्यावर में प्रभात फेरी परिवार का कन्यादान समारोह संपन्न, 147वीं कन्या का भरा मायरा

ब्यावर में प्रभात फेरी परिवार का कन्यादान समारोह संपन्न, 147वीं कन्या का भरा मायरा

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 2 नवंबर।

(प्रकाश जैन,वरिष्ठ पत्रकार)

ब्यावर में प्रभात फेरी परिवार द्वारा कन्यादान कार्यक्रम का अनुपम कार्य पिछले वर्षो से सतत जारी है। अब इसने बड़ा रूप लेकर राज्य स्तर पर संचालित हो रहा है।अब कन्यादान के प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर से भी आ रहे है।नगर में समाज सेवा को समर्पित इस संस्था के पास वर्तमान में 6 प्रस्ताव विचाराधीन है जो की कार्यक्रम की सार्थकता को प्रकट करते हैं।


ब्यावर जिले में धार्मिक एवम सामाजिक सेवा में अग्रणी श्रीमद् भागवत प्रभात फेरी परिवार द्वारा विगत 18 वर्षों से निरंतर रूप से संचालित किए जा रहे कन्यादान कार्यक्रम की श्रृंखला का भव्य आयोजन आज रविवार को नगर के रघुनाथ जी मंदिर परिसर बड़े उत्साह,उल्लास के साथ संपन्न हुआ। उल्लेखनीय रहे कि यह संस्था का 114वां कन्यादान था। जिसमें 147वीं कन्या का कन्यादान पूर्ण विधि-विधान और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।

संस्था के संयोजक संजय घीया ने जानकारी दी कि प्रभात फेरी परिवार का यह कार्यक्रम केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक धार्मिक कर्तव्य के रूप में देखा जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 147 कन्याओं का कन्यादान किया जा चुका है, जिनमें से कई अब अपने परिवार के साथ सुखी गृहस्थ जीवन बीता रहे हैं।


प्रभात फेरी परिवार द्वारा आयोजित प्रत्येक कन्यादान समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी हस्तियों, धर्मप्रेमी बंधुओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही है। पिछले वर्ष हुए 100 वें कन्यादान कार्यक्रम को विशेष रूप से भव्य रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया था।
संस्था के हर आयोजन में कन्याओं को गृहस्थ जीवन हेतु आवश्यक सभी जरूरी वस्तुएं उपहार स्वरूप भेंट की जाती हैं, जिनमें सोने-चांदी के आभूषण, पलंग, गद्दे, तकिए, स्टील की अलमारी, टेबल कुर्सी ,पंखे,पानी के केन,11 बेस,रसोई के बर्तन,कपड़े प्रेस करने की मशीन, सिलाई मशीन, कूकर और अन्य घरेलू सामान सहित सभी ज़रूरत की वस्तुएँ शामिल होती है ।
संस्था अपने स्तर पर सभी खर्चों को वहन करता है,बाहरी सहयोग नही लेता
सबसे विशेष बात यह है कि इस कार्यक्रम में होने वाले सभी खर्चे प्रभात फेरी परिवार स्वयं वहन करता है। किसी प्रकार की बाहरी आर्थिक सहायता या चंदा नहीं लिया जाता, जिससे यह आयोजन एक निष्कलंक और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बन चुका है।
प्रभात फेरी परिवार का यह उपक्रम अब न केवल ब्यावर, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में भी एक प्रेरणादायक परंपरा बन चुका है। कई अन्य संस्थाएं भी अब इससे प्रेरित होकर इसी प्रकार के आयोजन करने लगी हैं। यह कार्यक्रम समाज में सहयोग, सेवा और समरसता का संदेश देता है।
नायक समाज ने कन्यादान कार्यक्रम अपने समाज में शुरू करने का प्रण लिया
संस्था संयोजक संजय घीया व प्रभात फेरी परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं,श्रद्धालुओं एवं समाजसेवियों से इस पुनीत एवं पावन मौके पर सपरिवार समारोह के साक्षी बनकर नवदंपत्ति को आशीर्वाद देने व इस महान परंपरा का हिस्सा बनने का अनुरोध किया है।
इस मौके पर नायक समाज ने भी भागवत परिवार से प्रेरणा लेकर कन्यादान कार्यक्रम अपने समाज में शुरू करने का प्रण लिया| कन्यादान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिवार के सदस्यगण , गणमान्य नागरिकों एवम व्यापारियों ने हिस्सा लिया।

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