देशनोक में जैनभागवती दीक्षा महोत्सव में उमड़े ब्यावर सहित देश भर के हजारों श्रद्धालु… 04 मुमुक्षु बने संयम पथ के पथिक,लगा संयम शतम… जैनाचार्य राम गुरु ने 364 दिनों में दी 100 वी दीक्षा

देशनोक में जैनभागवती दीक्षा महोत्सव में उमड़े ब्यावर सहित देश भर के हजारों श्रद्धालु… 04 मुमुक्षु बने संयम पथ के पथिक,लगा संयम शतम… जैनाचार्य राम गुरु ने 364 दिनों में दी 100 वी दीक्षा

ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 12 नवंबर।

(प्रकाश जैन, वरिष्ठ पत्रकार)

श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी जैन श्रावक संघ के संघनायक एवम श्री हुक्मगच्छ संघ के नवम पट्टधर, व्यसन मुक्ति के प्रणेता,दीक्षा के प्रबल प्रेरक जैन धर्म के ख्यातनाम जैनाचार्य श्री 1008 श्री रामलाल जी महाराज ने 364 दिनों में 100 मुमुक्षुओं को संयम पथ का पथिक बनाकर इस मार्ग पर आरूढ़ कर एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया।

नानेश पट्टधर श्री राम गुरु के पावन सानिध्य में विगत वर्षों से लगातार जैन भगवती दीक्षा सम्पन्न होना समग्र जैन समाज के लिए गौरव का विषय है।सभी नव दीक्षित होने वाले संयमी आत्माओं के आगे “राम” शब्द का जुड़ना अपने आप में अद्भुत एवम अनूठी मिसाल बन गया है। दीक्षा लेने वाले में करोड़ों की संपदा छोड़ने वाले हैं तो कई सीए, सीएस,इंजीनियर एवम काफी शिक्षित युवा युवतियां श्री राम गुरु की दिव्य प्रेरणा से संयम मार्ग की ओर गतिशील हो रहे हैं।


सांसारिक मोह माया को त्यागकर 04 पथिक चले संयम मार्ग पर
श्री हुक्मगच्छ संघ के नवम पट्टधर जैनाचार्य श्री राम गुरु के मुखारविंद से राम गुरु की जन्म धरा देशनोक में 04 संयमी आत्माएं सांसारिक मोह माया तजकर संयम पथ के पथिक बने। चारों मुमुक्षुओं को जैनाचार्य प्रवर श्री राम गुरु व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश गुरु ने संयम मार्ग पर आरूढ़ किया।


देशनोक से श्री राम गुरु के साथ संयमी यात्रा पर वर्षों से सतत चलने वाले साधुमार्गी संघ के सेवा समर्पित ओजस्वी प्रवक्ता महेश नाहटा ने अमर छत्तीसगढ़ के ब्यावर प्रमुख ब्यूरो वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश जैन से विशेष बातचीत में बताया कि इस दिव्य जैन भगवती दीक्षा महोत्सव में जैनाचार्य श्री राम गुरु के पावन सानिध्य में गत 314 दिनों के भीतर साधुमार्गी संघ के
संघनायक श्री ने 100 दीक्षा प्रदान कर साधुमार्गी संघ के लक्ष्य को नए आयामों की ओर गतिशील कर जिनशासन की दिव्य प्रभावना की।


मुमुक्षु झील कोटडियां 100 वी दीक्षार्थी बनी,अब कहलाएगी साध्वी रामधर्मा श्री
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय प्रमुखों में धर्मनिष्ठ युवा चेता राजकुमार जी अभयकुमार जी नाहर जयपुर ने अमर छत्तीसगढ़ को बड़े गर्व के साथ बातचीत करते हुए बताया कि व्यसन मुक्ति के प्रणेता के पावन निश्रा में इस सयंम शतम मे 100 वी दीक्षा पूरी हुई। जयपुर,ब्यावर सहित देश भर से आए हजारो श्रद्धालू श्रावक श्राविकाओं की पावन साक्षी मे 100 वी दीक्षा मुमुक्षु बहन सुश्री झील कोटडिया की हुई जो बनी साध्वी श्री रामधर्मा श्री म.सा।


करेमी भंते के पाठ से श्री राम गुरु ने मुमुक्षुओं को दी दीक्षा
संघ से जुड़े अनिल बाबेल एवं सुशील श्री श्री माल इस मौके पर अमर छत्तीसगढ़ को बताया कि देशनोक पूज्य गुरु भगवान् की जन्मभुमि पर सयंम शतम दीक्षा महोत्सव कर संघ ने इतिहास रच दिया है।

नवदीक्षिता साध्वी रामधर्मा श्री जी म.सा.की दीक्षा होते ही हुक्म संघ के नवम पट्टधर, जन-जन की आस्थाओं के केंद्र, आचार्य भगवन श्री राम गुरु एवं बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा.की महत्ती कृपा से सभी 04 मुमुक्षु बहनों को आचार्य श्री रामेश ने “करेमी! भंते” के पाठ वीर परिवार के सेवा समर्पित सदस्यों एवम,संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवम स्थानीय संघ प्रमुखों की साक्षी मे जैन भगवती दीक्षा अपने मुखारविंद से धर्म देशना के बीच दी।


संयम पथ ग्रहण करने वाले मुमुक्षुओं का किया नामकरण
जोधपुर से परम गुरु भक्त भागचंद सरला सिंगी ने भी हमारे ब्यावर प्रमुख प्रकाश जैन से बात करते हुए बताया कि जैसे ही जैनाचार्य श्री राम गुरु ने संयम पथ के इन 04 पथिकों को संयम मार्ग पर आरूढ़ किया। समूचा पंडाल श्री नाना गुरु श्री राम,श्री राजेश गुरु की जय जयकारों से गूंज उठा। जैनाचार्य प्रवर श्री ने नया नामकरण करते हुए संघ को आव्हान किया कि संयम मार्ग पर आरूढ़ होने वाली चारो मुमुक्षु बहने अब विधिवत साध्वी बन गए हैं उन्हे इन नाम से जाना जाएगा।


.मुमुक्षु बहन सुश्री प्रिया जी छाजेड़ (साजा, छ.ग.)
नवदीक्षिता रामपूजाश्री म.सा.
.मुमुक्षु बहन सुश्री झलक कोटड़िया (नंदुरबार)
नवदीक्षिता रामध्वजाश्री म.सा.
मुमुक्षु बहन सुश्री मुस्कान जी मरोटी (देशनोक)
नवदीक्षिता राममुद्राश्री म.सा.
मुमुक्षु बहन सुश्री झील कोटड़िया (नंदुरबार)
नवदीक्षिता रामधर्माश्री म.सा.
के नाम से जिनशासन की भव्य प्रभावना करेंगी।
सामायिक साधना से श्रद्धालुओं मुमुक्षुओं की अनुमोदना
जयपुर से युवा चेता राजेश नाहर ने बताया कि सयंम शतम की 100 वी दीक्षा मुमुक्षु बहन सुश्री झीलकोटड़िया (नंदुरबार) बनी साध्वी श्री रामधर्मा श्री जी म.सा. के नाम से जानी जायेगी।


इस मौके पर हजारो लोग दीक्षा महोत्सव के साक्षी बनने हेतु देशनोक पहुंचे”।श्रद्धालुओं ने राम गुरु विराट हैं, दिक्षाओं का ठाठ हैं”के नारो से पूरा पांडाल गुंजा दिया। भव्य दीक्षा महोत्सव में देशनोक में मेले जैसा नजारा नजर आया। श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने एक ही आसन पर 03 से 05 सामायिक व्रत की साधना कर मुमुक्षुओं की दिव्य अनुमोदना करते हुए उनके साहसिक निर्णय की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

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