ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 17 नवंबर।
(प्रकाश जैन वरिष्ठ पत्रकार) श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के संघ नायक जैन धर्म की दिव्य विभूति, संयम सुमेरु,जैनाचार्य विजयराज जी महाराज की प्रमुख साध्वी महासती रत्ना राजश्री जी महाराज अपनी सहयोगी साध्वियों के साथ सोमवार सवेरे नगर में भव्य मंगल प्रवेश किया।साध्वी मंडल के ब्यावर पदार्पण पर समूचा विहार मार्ग अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी, नाना गुरु, विजय गुरु, शांति गुरु, जितेश गुरु एवम राजश्री जी महाराज की जयकारों से गुंजायमान हो गया।
साध्वी रत्ना राजश्री से आशीर्वचन लिया
जब श्री विजय गुरु संघ की प्रमुख साध्वी रत्ना राजश्री जी महाराज अपने साध्वी मंडल के साथ महावीर बाजार स्थित तेलियान चौपड़ के टावर के बाहर पहुंचे तो श्री नाकोड़ा तीर्थ से जुड़े परम भैरव भक्त कोकिल कंठी गायक अशोक कोठारी (चाचाजी), साधुमार्गी शांत क्रांति जैन युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश जैन, पवन लोढ़ा, आशीष जैन, गौतम बाबेल सुश्राविका चंचल लोढ़ा सहित श्रद्धालुओं ने महाराज को विधिवत वंदन नमन किया तो साध्वी प्रमुखा राजश्री महाराज एवं साध्वी मंडल ने दया पालो कहकर आशीर्वचन दिया। साथ ही कुछ देर रुककर परिचय करते हुये धर्म संदेश दिया।

नवकार भवन के बाहर संघ प्रमुखों ने पूरे संघ के साथ की अगुवाई
ब्यावर नगर के मुख्य मार्गों से श्री विजय गुरु की विजय यात्रा के साध्वी मंडल विहार करते हुए मंगल प्रवेश के लिए आचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन पहुंचे तो संघ के वरिष्ठ संरक्षक उत्तमचंद छलानी, तिलोकचंद ढेड़ीया, ओंकारमल लोढ़ा,संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कर्णावट,संघ अध्यक्ष संपतराज ढेड़ीया,कार्यकारी अध्यक्ष पारसमल जैन,महामंत्री कमल छलानी,प्रकाश लोढ़ा सहित श्रावक संघ,महिला मंडल एवं युवा संघ के सदस्यो ने अगुवाई करते हुए जय जय कार, जय जयकार विजय गुरु की जय कार से गुरु गुण गूंजाते हुए नवकार भवन में पूरी भक्ति श्रद्धा आस्था के बीच मंगल प्रवेश कराया।
श्री सीमेंट से विहार कर ब्यावर पहुंचे साध्वी मंडल
यूवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन के अनुसार महासती मंडल प्रमुख राजश्री जी महाराज ठाणा 05 सोमवार सवेरे सूर्योदय के बाद श्री सीमेंट से विहार कर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए एक जुलूस के तहत ब्यावर नगर में मंगल प्रवेश किया अनेक स्थानों पर आमजन ने साध्वी रत्ना राजश्री जी महाराज व साध्वी मंडल के दर्शन नमन कर हर्षित एवम पुलकित हुए।
श्री सीमेंट के सयुक्त अध्यक्ष अरविंद खींचा एवं श्री परिवार की विनती पर श्री में साध्वी मंडल का एक दिन प्रवास रहा।श्री परिसर में युवाओं एवम धर्म प्राण श्रावक श्राविकाओं से धर्म चर्चा एवम तत्व चर्चा करते हुए कहा कि साध्वी राजश्री ने कहा कि पूर्व जन्म की अच्छी पुण्य वाणी के बलबूते दुर्लभ एवम अनमोल मानव जीवन की महता को समझे मानव जीवन को पाने के लिए देवता भी तरसते है।इस मनुज जीवन में कुछ अच्छा और भला करने की भावना संजोते हुए मानव हितार्थ अपने धन एवम शक्ति का सदुपयोग करें।
05 दशक से जैन धर्म का अलख जगा रहे है साध्वी राजश्री
नवकार भवन में साध्वी राजश्री महाराज ने कहा कि जीवन में संयम का होना नितांत जरूरी है।मोक्ष मार्ग में गतिशील होने हेतु इंसान को संयम मार्ग का पथिक बनना ही होगा।
श्री विजय गुरुदेव संघ की साध्वी प्रमुखा ने बताया कि उन्होंने 1978 में समता विभूति जैनाचार्य श्री नानेश से जोधपुर में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण की थी। उस समय भव्य दीक्षा महोत्सव में 05 मुमुक्षु आत्माएं संयम पथ पर आरूढ़ हुई थी।
महासती राज श्री महाराज देश के विभिन्न प्रदेशों में हजारों किलोमीटर की पद यात्रा कर भगवान महावीर नाना गुरु विजय गुरु के दिव्य संदेशों एवम आदर्शों का अपनी सहयोगी साध्वियों के साथ अलख जगाते हुए जिनशासन की दिव्य ज्योत एवम प्रभावना में पूरी तन्मयता साधना एवम संयम भावों से जुटी हुई हैं।
साध्वी रत्ना राजश्री अपना सरवाड़ वर्षा कालीन चातुर्मास पूर्ण कर लगभग 90 किलो मीटर की पैदल विहार कर ब्यावर संघ के पूरजोर आग्रह एवं विनती को मान देते हुए ब्यावर पहुंचे हैं।
नित्य बरसेगी जिनवाणी, सवेरे होगी ज्ञान एवम तत्व चर्चा कक्षा
महिला मंडल अध्यक्ष कोशल्या ढेडिया महामंत्री पूजा छलानी ने बताया कि साध्वी मंडल एवम महासती राजश्री जी महाराज के ब्यावर पदार्पण से पूरे संघ में जबरदस्त उत्साह एवम उमंग छा गया है।
साध्वी मंडल का नवकार भवन में अल्प कालीन प्रवास रहेगा। मंडल की पूर्व अध्यक्ष शारदा छलानी व शशि कर्णावट ने बताया कि साध्वी प्रमुखा की पावन निश्रा में नित्य प्रति जिन वाणी की बरखा होगी।
सवेरे 7.15 बजे ज्ञान एवम तत्व चर्चा के तहत विशेष कक्षा महासती पुण्य प्रभा श्री जी लेंगे जो श्रावक श्राविकाओं के ज्ञानार्जन को बढ़ाएगी। प्रतिदिन प्रवचन सवेरे 09 बजे एवम दोपहर में धर्म चर्चा सामायिक साधना के साथ होगी।
इन साध्वियों ने ब्यावर की धरा को किया पावन
ब्यावर संघ की पुरजोर आग्रह पर साध्वी प्रमुखा राजश्री महाराज के साथ साध्वी शीलप्रभा श्री जी, साध्वी सत्य प्रभाश्री जी, साध्वी पुण्य प्रभाश्री जी एवम साध्वी नित्य प्रभाश्री ने ब्यावर पधार कर इस वीर धरा को अपने श्री चरणों से पावन किया।
मंगल प्रवेश के बाद ये जलसा प्रवचन सभा में परिवर्तित हो गया। महासती मंडल ने प्रार्थना के स्वरों में अपने प्रवचन का आगाज किया। साध्वी मंडल ने श्रद्धालुओं को 05 नवकार का सस्वर सामूहिक जाप करवाकर पूरे जैनाचार्य विजयराज मार्ग को नवकार से गूंजा दिया।
साध्वी श्री शील प्रभाश्री जी ने शुभ मंगल हो मंगल हो शुद्ध मंगल हो मंगल हो, मंगल हो मंगल हो सब मंगल हो,अरिहंत मंगल हो सिद्ध मंगल हो गीत गूंजाया तो सभी श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने भाव विभोर होकर गीत में गहरे गोते लगाते हुए मेघराज कोठारी हाल को गुरु भक्ति से गूंजा दिया।
साध्वी श्री ने कहा ब्यावर वालो पे गुरु मेहरबान है संघ यहां का बड़ा पुण्यवाण है के बोल बोले तो श्रावक श्राविकाओं ने नतमस्तक होते हुए श्री विजयगुरु के खूब जयकारेँ लगाए।
महासती श्री ने कहा कि अनंत अंनत पुण्यवानी के चलते साधु साध्वियों के सत्संग,बखान का मौका मिलता है सभी इस अवसर को व्यर्थ ना गंवाए,साध्वी मंडल के प्रवचन एवम धर्म तत्व चर्चा और अन्य कार्यक्रम का अधिकाधिक लाभ उठाए।
विहार यात्रा में ये बने सहभागी,युवाओं का झलका विशेष उत्साह
संघ अध्यक्ष संपतराज ढेड़ीया ने बड़े गर्व के साथ बताया कि ब्यावर साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ एवम राष्ट्रीय संघ को ब्यावर की युवा संघ टीम पर नाज है जो सभी मौसम में विशेष तौर पर कड़ाके की ठंड में जल्दी उठकर साधु संतो एवम साध्वी मंडल की विहार सेवा में एवम संघ सेवा में पूरे समर्पण भावों से जुटे रहते हैं।
साध्वी मंडल के श्री सीमेंट से नवकार भवन की विहार यात्रा में लगभग 09 किलोमीटर की विहार सेवा में युवाओं का खासा उत्साह झलका विहार यात्रा में वैभव डेडिया, विनोद लोढ़ा, नेमीचंद तातेड, गौतम लोढ़ा, मीठालाल पीपाड़ा, ऋषभ श्रीश्रीमाल,प्रिंस कोठारी मोहित श्रीश्रीमाल, प्रदीप कोठारी, संदीप ढेड़ीया पारसमल बुरड़ वीर पिता एवम माता हुक्मीचंद मुथा व लीला मुथा सहित श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज करवाकर गुरु भक्ति का परिचय दिया।

