ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 27 नवंबर।
जैन धर्म की विरल विभूति, प्रवचन प्रभाकर,संयम सुमेरु,वाणी के जादूगर जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरु संघ के विद्वान संत,संत प्रवर श्री विनोद मुनि
.म.सा. ने अपने आराध्य गुरु श्री विजय गुरु देव के साथ जयपुर में वर्षाकालीन चतुर्मास पूर्ण कर लगभग 200 किलोमीटर का विहार का ब्यावर जैन समाज के आग्रह पर आगामी 01 दिसम्बर को ब्यावर पधारेंगे।
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ ब्यावर के अध्यक्ष समाजसेवी संपतराज डेढ़ीया ने बताया कि संत प्रवर विद्वान संत श्री विनोद मुनि जी म.सा.अपने साथी संतों के साथ जयपुर से उग्र विहार कर गांव गांव, ढाणी ढाणी में भगवान महावीर एवं अचार्य नानेश,आचार्य विजय गुरु के दिव्या संदेशों का अलख जगाते हुए ब्यावर पहुंच रहे हैं।संत मंडल बुधवार दोपहर में बाघसुरी पहुंचे।
बाघसूरी पहुंचने पर बाघसुरी जैन समाज सहित ग्रामीणों एवम श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ ब्यावर के अध्यक्ष श्री संपतराज ढेड़ीया,पूर्व अध्यक्ष श्री शांतिलाल कोठारी,यूवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन, श्री ज्ञानचंद कोठारी,श्री मुकेश पोखरणा, महिला मंडल की अनीता जी ढेड़ीया, मंजू जी कोठारी,किरण जी पोखरणा सहित अनेक श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं ने संत मंडल से धर्म चर्चा करते हुए
अपने ज्ञानार्जन में अभिवृद्धि की।
आत्महत्या महापाप है किसी भी स्थिति में यह पाप नहीं करे
संत प्रवर श्री विनोद मुनि सा ने बुबानिया राजकीय स्कूल में धर्म सभा में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या करना अपराध एवं महापाप है।आत्महत्या की सोचना भी पाप के दायरे में आता है। इंसान को जीवन में किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या नहीं करनी चाहिए।
जैनाचार्य प्रवर श्री विजय गुरुदेव के आत्महत्या मुक्त हो सारा देश के संदेश को देश भर में फैलाने वाले संघ के वरिष्ठ संत श्री विनोद मुनि सा ने बच्चों से कहा कि वह प्रतिज्ञा करें कि जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या नहीं करेंगे। तो बच्चों ने एक साथ खड़े होकर संत प्रवर से जीवन में आत्महत्या नहीं करने का संकल्प दोहराया।इस मौके पर अनेक गांव वासियों ने विभिन्न त्याग प्रत्याख्यान लेकर मानव जीवन को सार्थक बनाया।
संघ महामंत्री कमल छलानी ने बताया कि श्री विजय गुरु वाटिका के वरिष्ठ संत श्री विनोद मुनि सा का अपने साथी संतो के साथ शुक्रवार सवेरे बाघसुरी से विहार कर बिड़क्चायवास ,लीडी, खरवा होते हुए आगामी 01 दिसंबर तक ब्यावर नगर में पदार्पण होगा।
विजय गुरु के संत एवम साध्वी मंडल का ब्यावर पदार्पण जारी उल्लेखनीय रहे कि नानेश पट्टधर जैनाचार्य श्री विजयराज जी म.सा. के संत एवम महासती मंडल का चातुर्मास के बाद अपने अपने क्षेत्रों से ब्यावर की धरा पर आने का सिलसिला सतत जारी हैं। संघ के संत प्रवर श्री कौशल मुनि जी म.सा.अपने सहयोगी संतों के साथ ब्यावर के मेवाड़ी गेट बाहर जैनाचार्य विजय राज मार्ग स्थित नवकार भवन में प्रवास रत हैं।
संस्कार शिविर जोधपुर में….
वही ब्यावर में अल्प कालीन प्रवास पूर्ण कर संघ की वरिष्ठ साध्वी महासती रत्ना श्री राज श्री जी महाराज सहयोगी साध्वियों के साथ ब्यावर से विहार कर जोधपुर पधार रहे हैं।
जहां बच्चों के धार्मिक एवम नैतिक संस्कारों की वृद्धि हेतु पूज्य गुरु भगवन श्री विजय गुरु के पावन निश्रा में एक संस्कार शिविर का आयोजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगा साथ ही श्री विजय गुरु अपने मुखारविंद से नव वर्ष 2026 को 01जनवरी के शुभ मंगल घड़ी में महा मांगलिक देंगे। इस दिव्य मांगलिक श्रवण हेतु ब्यावर सहित देश के विभिन्न कोनों से सैकड़ों श्रावक श्राविकाएं समारोह के साक्षी बनकर धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।
संत मंडल ने धर्म चर्चा करते हुए कहा कि हम मानव हैं मानवता का मन में दीप जलाएं,कर्म योग से जो कुछ पाएं वही हमारा धन हों। वरिष्ठ महा सती रत्ना
संघ की वरिष्ठ साध्वी रत्ना शासन प्रभाविका श्री पुष्पावती श्री जी म. सा.का अल्प प्रवास बाघसुरी में
शासनप्राण प्रभाविका श्री पुष्पावती श्री जी म.सा. ने भी अपना अजमेर वर्षावास पूर्ण कर विभिन्न क्षेत्रों में विचरण करते हुए बाघसुरी में प्रवास रत है साध्वी मंडल भीलवाड़ा होते हुए उदयपुर पधारेंगे।
प्रकाश जैन अमित मेहता
एक्सप्रेस न्यूज
जयपुर ब्यावर किशनगढ़

