ब्यावर, राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 27 नवंबर।
06 माह पूर्व विजयनगर में जैन भगवती दीक्षा लेकर साधु बने ब्यावर के जन्मे जाए संत धैर्य मुनि ने अपने सांसारिक कर्मस्थली केडी जैन स्कूल नरबतखेड़ा में अल्पकालीनप्रवास पूर्ण कर पैदल विहार करते हुए बलाड़ रोड जैन समाज के आग्रह पर श्री जैन दिवाकर ज्ञान तीर्थ पहुंचे। जहां सैकड़ो श्रद्धालुओं ने संत मंडल का वंदन नमन कर जय जयकारों से अगुवाई करते हुए स्वागत किया।
स्कूल से धैर्य मुनि के विहार करते ही बच्चों के आंसू छलके,आंखे नम हुई शिक्षण समिति की
संयम पथ के पथिक बनने के बाद पहली बार ब्यावर की धरा में पदार्पण करने वाले संत धैर्य मनी मुनि ने अपनी सांसारिक कर्मस्थली में तीन दिन का प्रवास कर के डी जैन स्कूल के बालक बालिकाओं एवं गांव वालों को प्रतिबोध दिया। संत धैर्य मुनि ने अपने साथी संत धीरज मुनि के साथ तीन दिन के अल्प प्रवास में बच्चों में धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों का जोरदार बीजारोपण किया। स्कूल के आका दौलत गुरु (संत धैर्य मुनि) को अपने बीच पाकर बच्चें खूब अभिभूत एवम प्रफुल्लित दिखाई दिए। संत श्री ने बच्चों से कहा कि जिसके जीवन में अनुशासन नहीं उसका जीवन व्यर्थ है। बच्चे अपने मात पिता को नियमित प्रणाम कर अपना अध्ययन का आगाज करें l।माता-पिता मानव जीवन के प्रथम गुरु है।उनकी आंखों में कभी आंसू नहीं आए ऐसा प्रयास करें।
संत धैर्य मुनि ने अपने सहयोगी संत धीरज मुनि के साथ के डी जैन स्कूल परिसर से जब विहार किया तो के डी जैन स्कूल समिति प्रबंधन एवं बच्चों की आंखें नम हो गई।उनके आंसू छलक पड़े।यहां उल्लेखनीय रहे कि दौलत गुरु (धैर्य मुनि) इस स्कूल के संस्थापक रहे हैं. उन्हीं के जबरदस्त प्रयासों से ब्यावर के स्कूल ने प्रदेश में जोरदार कीर्ति और यश पाया है।
जीवन में साधना की महता है साधन की नही =धैर्य मुनि
संत धैर्य मुनि साथी संत के साथ बलाड़ रोड जैन समाज एवम श्रद्धालुओं के विशेष आग्रह पर श्री दिवाकर जैन ज्ञान तीर्थ पहुंचे जहां श्रद्धालु भक्तों ने वंदन नमन कर अगुवाई के साथ उनके उपदेशों का रसपान किया।संत धैर्य मुनि ने जिन वाणी बरसाते हुए कहा कि जीवन में साधना का महत्व है साधन का नहीं मानव जीवन में नित्य प्रति धर्म साधना कर इस जीवन को सफल बनाएं।संत मंडल के विहार में ब्यावर के युवाओं का खासा उत्साह रहा।
के डी जैन स्कूल के निदेशक सुयश हिमांशु तातेड ने बताया कि संत मंडल का नगर में एक पखवाड़े से ज्यादा प्रवास रहेगा। आगामी 30 दिसंबर को संत मंडल का नगर के प्रमुख जैन स्थानक पिपलिया बाजार में भव्य मंगल प्रवेश होगा।

