ब्यावर राजस्थान (अमर छत्तीसगढ) 29 नवंबर ।
जैन समाज ब्यावर के सबसे बड़े संघ श्री स्थानकवासी जैन वीर श्रावक संघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह सांखला के नेतृत्व में एक विशेष दल शनिवार को मदनगंज किशनगढ़ में विराजित प्राज्ञ संघ के प्रमुख जैन संत संघनायक श्री प्रियदर्शन मुनि जी महाराज सा के श्री चरणों में पहुंचा।
इस विशेष दल ने संघनायक श्री प्रियदर्शन मुनि जी से आगामी 2026 का वर्षाकालीन चातुर्मास ब्यावर में करने की पुरजोर विनती की। संघ अध्यक्ष महेंद्र सांखला एवं वीर संघ के विभिन्न पदाधिकारीयों सहित संघ प्रमुखों ने गुरुदेव श्री से ब्यावर संघ की भावनाओं से अवगत कराते हुए आगामी चातुर्मास ब्यावर में करने की विनती करते हुए अर्जी लगाई।
संघनायक श्री प्रियदर्शन मुनि सा ने संघ की भावनाओं को तवज्जो देते हुए विनती को झोली में लिया। साथ ही ब्यावर संघ की सेवा भावनाओ का सम्मान करते हुए कहा की इस वीर एवम तपो धरा पर प्रवास करने की बार बार इच्छा होती है।
इस विशेष दल में संघ अध्यक्ष महेंद्र सांखला, मंत्री पदमचंद बम्ब, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद मेहता, शांतिलाल नाबरिया, दुलराज मकाना, रतनलाल भंसाली, पुखराज बोहरा, गौतम हिंगड़, सम्पत नाहटा, अभिषेक रुनीवाल, विनय गदिया, हेमन्त बाबेल, उत्तम चंद कोठारी, श्यामलाल डोसी, दिलीप भंडारी, सुरेश डोसी, अशोक खींचा, महावीर नाहटा, नरेश चोरडिया, तिलोक रांका, प्रकाश बम्ब, कमलेश सिंघवी, पंकज सुराणा, आशीष पोखरना सहित सदस्य शामिल थे। दल ने संघ नायक श्री प्रिय दर्शन मुनि सहित संत मंडल के प्रवचन,धर्म एवम ज्ञान चर्चा कर दर्शन वंदन का भी सामूहिक लाभ उठाया।
ब्यावर में बड़े आचार्यों के चातुर्मास करवाने की लगी होड़
बयावर में जैन समाज के हजारों अनुयाई है। अलग अलग घटकों में अनेक संप्रदाय के संघ प्रमुख श्री संघ के नेतृत्व में हर वर्ष साधु संतो व साध्वी मंडल के वर्षावास करवाकर धर्म ध्यान में गहरे गोते लगाते हैं।
इस बार तो सकल जैन समाज बड़े महान संतो सहित महासती मंडल के साथ साथ बड़े जौनाचायों के चातुर्मास करवाने में पूरी शक्ति के साथ जुटे हुए है। श्री तपगछ संघ के एक महान आचार्य का चातुर्मास ब्यावर करने की घोषणा कर दी है।
वहीं श्री साधुमार्गी शांत क्रांति संघ के संघनायक जैनाचार्य श्री विजय गुरु एवम प्राज्ञ संघ के दोनो घटक के संघ नायक श्री जैनाचार्य प्रवर सुदर्शन मुनि जी एवम संघ नायक श्री प्रिय दर्शन मुनि सहित अन्य आचार्यों के वर्षावास की पुर जोर विनतीये लगातार चल रही हैं।
समग्र जैन समाज के श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं सहित जैनेतर समाज में भी इस बात के कयास लगाए जा रहे है कि इस बार ब्यावर की धरा पर बड़े आचार्यों के चातुर्मास से धर्म ध्यान का अनुपम ठाठ लगेगा।

